सिकिम के नवनिर्वाचित राज्यपाल दशिनंत गोतम ने गंगटोक स्थित लोक भवन में राज्यपाल पद की शपथ ली। इस अवसर पर राज्य के कई उच्च अधिकारी और प्रमुख हस्तियाँ मौजूद रहे। दशिनंत कुमार गोतम बीजेपी के वरिष्ठ नेता हैं। राज्यपाल नियुक्त होने से पहले वे पार्टी के राष्ट्रीय सचिव रहे हैं और हरियाणा से राजीय सभा के सदस्य भी रहे हैं। उन्हें सिकिम उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश मोहम्मद मुश्ताक ने शपथ दिलाई। इस शपथ ग्रहण समारोह में मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तामांग, मंत्रिमंडल के मंत्री और राज्य के विधानसभा सदस्य उपस्थित रहे। उनका नाम उत्तराखंड की अंकिता भंडारी हत्याकांड से जोड़कर देखा जा रहा है। इसी वजह से अंकिता भंडारी के माता-पिता और कांग्रेस नेताओं ने इस मामले में सीबीआई की जांच पूरी होने तक दशिनंत गोतम को राज्यपाल नहीं बनाने की मांग उठाई थी।
दशिनंत गोतम की शपथ ग्रहण के बाद कांग्रेस ने बीजेपी को कड़ी आलोचना का निशाना बनाया है। कांग्रेस सांसद कमलेश शर्मा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि ''सिकिम के राज भवन में ऐसे व्यक्ति को बैठाया जा रहा है, जिसका नाम एक बहुत बड़े स्कैंडल से जुड़ा हुआ है। अंकिता भंडारी कांड ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया, लेकिन आज तक उसे न्याय नहीं मिला। इस मामले में बीजेपी के लोगों की ऑडियो आई और वीआईपी का नाम आया।'' साथ ही उन्होंने कहा कि ''हमें यह झूठ बोलकर बताया जाता है कि सीबीआई जांच कर रही है, लेकिन सीबीआई ने कभी भी इस केस के सभी पहलुओं पर जांच नहीं की। वीआईपी के रूप में जिस दशिनंत गोतम का नाम आया, उससे पूछताछ ही नहीं हुई, बल्कि उसे राज भवन में बैठाया जा रहा है ताकि कोई कानूनी कार्रवाई न हो सके।''
उत्तराखंड कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियल ने दशिनंत गोतम की शपथ ग्रहण पर कहा कि ''अंकिता भंडारी हत्याकांड में जिस पर सवाल थे, उन्हें सिकिम का राज्यपाल बनाया गया है और कल मैंने उनका बयान सुना जिसमें वे कह रहे हैं कि इस मामले में दोषियों को सजा हो चुकी है। लेकिन यह आधी-अधूरी जानकारी है, जिनको सजा हुई है वे छोटी मछलियाँ हैं। अंकिता ने अपने एक दोस्त को संदेश भेजा था कि मुझ पर किसी वीआईपी को सेवा देने का दबाव बनाया जा रहा है। मेरी जान खतरे में है और उसके बाद ही अंकिता का हत्या कर दी गई।'' साथ ही उन्होंने कहा कि ''इस मामले में बीजेपी सरकार ने हर तरह के बहाने बनाए। यह भी कहा गया कि कोई वीआईपी नहीं था। लेकिन उनकी पार्टी के लोगों ने ही आरोप लगाया था कि जो राज्यपाल बने हैं वही माना जाता है वीआईपी हैं। माना जाता है वीआईपी को सिकिम का राज्यपाल बनाना ही इसलिए गया है, ताकि उनसे पूछताछ न की जा सके। हम इसकी कड़ी विरोध करते हैं। दूसरी ओर बीजेपी वाले जो सफाई दे रहे हैं वे उत्तराखंड को बता दें कि वह वीआईपी कौन था?''
कांग्रेस ने भी अपने आधिकारिक 'एक्स' हैंडल से एक वीडियो पोस्ट कर बीजेपी सरकार को कड़ी आलोचना का निशाना बनाया है। वीडियो के कैप्शन में पार्टी ने लिखा ''बीजेपी का अंदाज, चरित्र और चेहरा''। वीडियो में एक ओर अंकिता भंडारी हत्याकांड के संदिग्ध आरोपी दशिनंत कुमार की शपथ ग्रहण हो रही है, दूसरी ओर अंकिता के माता-पिता न्याय की मांग करते हुए कराह रहे हैं। पार्टी ने वीडियो में अंकिता के माता-पिता की ओर ऊपर लिखा ''न्याय के लिए कराहता परिवार'' और दशिनंत गोतम के लिए लिखा ''शपथ लेते आरोपी दशिनंत''।