पशुपति प्रसाद: बिहार में एनडीए सभी आठ विधान परिषद सीटों पर जीत के लिए लड़ रहा है
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कश्मीरगंज, (एबीएन) जनसुराज के संस्थापक और बंकापुर के विधायक प्रशांत कुमार ने मंगलवार को कहा कि बिहार विधान परिषद चुनाव में राष्ट्रीय लोकदल गठबंधन (एनडीए) जीत के लिए संघर्ष कर रहा है और उसकी स्थिति अच्छी नहीं है।
श्री कुमार ने कहा कि एनडीए के नेताओं द्वारा सभी सीटों पर जीत के दावों के बावजूद चुनाव में उनकी स्थिति अच्छी नहीं है। उन्होंने दावा किया कि नीतीश कुमार के हटने के बाद एनडीए की राजनीतिक नींव हिल गई है और इस चुनाव से साबित हो जाएगा कि सम्राट चौधरी के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के लिए चुनाव जीतना संभव नहीं है।
जनसुराज के नेता ने आज कश्मीरगंज में विद्वानों के साथ बातचीत के दौरान कहा कि लोकतंत्र में वास्तविक शक्ति जनता के हाथों में होती है और यह शक्ति किसी एक चुनाव से बनती या टूटती नहीं है। उन्होंने कहा कि बिहार में अगले चार वर्षों तक एनडीए की सरकार रहेगी और तेजस्वी यादव विपक्ष के नेता बने रहेंगे, लेकिन यदि लोगों ने परिषद के चुनाव में सही ढंग से मतदान किया और भाजपा को हराकर जनसुराज का साथ दिया, तो मौजूदा व्यवस्था पर नियंत्रण पाया जा सकता है। इससे जनता को एक नया विकल्प मिलेगा और नेताओं के मन में भी डर पैदा होगा।
श्री कुमार ने कहा कि अब जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) और भाजपा अलग-अलग हैं और उनके बीच समन्वय की कमी है, जिसका असर आगामी चुनावों में दिखाई देगा।
जनसुराज के नेता ने कहा कि बिहार की राजनीति में जनता के पास अपनी शक्ति का उपयोग करने का सुनहरा अवसर है। उन्होंने कहा कि यदि मतदाता भाजपा को हराकर जनसुराज का समर्थन करते हैं, तो इससे मौजूदा राजनीतिक व्यवस्था पर दबाव पड़ेगा और नेताओं को जनता के प्रति और जवाबदेह होना पड़ेगा। श्री कुमार ने राघोपुर कुश्ती हादसे में 13 से अधिक बच्चों की मौत पर दुख जताते हुए कहा कि दशहरा के अवसर पर नेताओं ने अपनी-अपनी तस्वीरें खिंचवाकर घर लौट गए, जबकि प्रभावित परिवार गहरे सदमे और शोक में डूबे हुए हैं। उन्होंने कहा कि इसी कारण उन्होंने कल राघोपुर जाकर प्रभावित परिवारों के साथ पूरा दिन बिताने का निर्णय लिया है।
बंकापुर के विधायक ने कहा कि हादसे में 13 से अधिक बच्चों की मौत हुई है। कल दशहरा है और सभी नेता अपने-अपने घरों में त्योहार मना रहे होंगे, लेकिन उन परिवारों ने अपने बच्चों को खो दिया है, वे दुख और सदमे में डूबे होंगे। ऐसे समय में उनके साथ खड़ा होना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जनसुराज ने तय किया है कि वह कल पूरे दिन प्रभावित परिवारों के बीच रहेंगे और उनके दुख में सहभागी होंगे।