वर्तमान वैश्विक अनिश्चितता के बावजूद भारत दृढ़ता से आगे बढ़ रहा है: मोदी
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को कहा कि भारत अपनी नीतियों, कार्यक्रमों और सुधारों के माध्यम से इस अनिश्चितता के दौर में दृढ़ता से आगे बढ़ रहा है और विश्वास और स्थिरता का आश्वासन दे रहा है। उन्होंने दुनिया से ज्ञान, प्रौद्योगिकी और संसाधनों की शक्ति को मानवता को मजबूत बनाने और वैश्विक समस्याओं के समाधान खोजने के लिए उपयोग करने की अपील की। श्री मोदी ने राजधानी में ब्लूमबर्ग द्वारा आयोजित वैश्विक आर्थिक सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए अपने भाषण में शक्ति के उपयोग को सशक्त बनाने के संकल्प पर जोर दिया। 'ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम' के रूप में आयोजित दो दिवसीय बैठक के उद्घाटन सत्र में श्री मोदी ने कहा कि पिछले 12 वर्षों के दौरान उनकी सरकार की आर्थिक नीतियों और वैश्विक पहलों के पीछे यही संकल्प प्रभावी रहा। इस दौरान भारत ने सस्ते मोबाइल डेटा को प्राथमिकता देकर टेलीकॉम प्रौद्योगिकी के लाभों को दूरदराज के इलाकों तक पहुंचाया, डिजिटल भुगतान की समान सुविधा को ठेलेवालों से लेकर बड़े व्यापारियों तक पहुंचाई और 25 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकाला।
श्री मोदी ने वैश्विक सौर गठबंधन, बड़े शेरों के संरक्षण के प्रोजेक्ट, वैश्विक जैव ईंधन गठबंधन, भारत, मध्य पूर्व (पश्चिमी एशिया) और यूरोप आर्थिक गलियारा, द्वीपीय देशों के लिए मजबूत बुनियादी ढांचे से जुड़ा गठबंधन और स्वस्थ जीवनशैली के लिए 'मिशन लाइफ', पर्यावरण के लिए जीवनशैली जैसे भारत के नेतृत्व में शुरू किए गए वैश्विक पहलों का उल्लेख करते हुए कहा कि ये सभी कदम शक्ति को सशक्त बनाने के लिए उपयोग करने वाले भारत के प्राचीन दर्शन के संकल्प से प्रेरित हैं। उन्होंने कहा, यानी भारत ने ऐसे कदम उठाए हैं जिनसे सभी का कल्याण हो और हर जीवित प्राणी की भलाई हो। प्रधानमंत्री ने आर्थिक सुधारों के प्रति अपनी सरकार के संकल्प का प्रकट करते हुए कहा कि हम एक स्पष्ट नीति दिशा के साथ सुधार कर रहे हैं।
उन्होंने भारतीय अर्थव्यवस्था की आंतरिक मजबूती का उल्लेख करते हुए चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही, यानी अप्रैल से जून 2026 के दौरान भारत की 7.8 प्रतिशत आर्थिक वृद्धि का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि यह वृद्धि मजबूत नींव पर खड़ी है। 12-13 साल पहले भारत का चालू खाता घाटा सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के 4 प्रतिशत से भी अधिक था। पिछले वर्ष यह घटकर लगभग आधा प्रतिशत, यानी 0.61 प्रतिशत रह गया। आज हमारे विदेशी मुद्रा भंडार 700 अरब डॉलर से अधिक हैं। हमारा बैंकिंग तंत्र कई दशकों में सबसे मजबूत स्थिति में है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की आर्थिक मजबूती के कारण वैश्विक क्रेडिट रेटिंग एजेंसियां देश की स्वतंत्र क्रेडिट रेटिंग को बेहतर बना रही हैं। उन्होंने जीएसटी, दिवालियापन से जुड़े कानून, 4 नए श्रम कानूनों और व्यापार कानूनों में छोटी-मोटी गलतियों पर जेल की सजा की धाराओं को समाप्त करने जैसे कदमों का उल्लेख किया और कहा, आज भारत का हौसला बेमिसाल ऊंचाई पर है।।। और हम यहां नहीं रुके हैं, भारत में सुधारों की गति तेजी से आगे बढ़ रही है। हमारे लिए सुधार कोई बाध्यता नहीं हैं, बल्कि सुधार हमारा संकल्प हैं।