कोलकाता: दुर्गा पूजा की खुशियाँ अंत में बदल गईं, पंडाल गिरने से हुई भगदड़ में 17 लोगों की मौत, लगभग 40 लोग घायल
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कॉलकाता: दर्गा पूजा की खुशियों के बीच पश्चिम बंगाल में सप्टमी की शाम एक दर्दनाक दुर्घटना सामने आई, जिसमें कम से कम 17 लोगों की मृत्यु हो गई।
कॉलकाता के उत्तरी हिस्से के एक पूजा पंडाल का छोटा सा हिस्सा भीड़ के दबाव के कारण टूट गया, जिसके बाद भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो गई। इस दुर्घटना में 17 व्यक्तियों की हताहत के अलावा लगभग 40 व्यक्तियों को घायल भी किया गया है। बंगाली न्यूज़ पोर्टल 'आनंद बाज़ार पट्रिका' की रिपोर्ट में बताया गया है कि मेहलोकीन में 3 पुरुष, एक बच्चा और 13 महिलाएं शामिल हैं।
इस दुर्घटना के बाद सभी प्रभावित व्यक्तियों को बाहर निकालकर कलकत्ता मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और आपदाओं से निपटने वाले विभागों के अधिकारियों को मौके पर पहुंच गया। पूजा के प्रबंधकों ने भी स्थिति पर नियंत्रण पाने के लिए तुरंत राहत कार्यों में जुट गए। दुर्घटना की खबर मिलने के बाद मुख्यमंत्री स्वेन्दु अधिकारी और चीफ सचिव मनोज अग्रवाल कलकत्ता मेडिकल कॉलेज पहुंच चुके हैं।
कॉलकत्ता पुलिस के अनुसार बारिश के दौरान गंभीर भीड़ के कारण चौर बागान के शारदा पार्क पूजा पंडाल के बाहरी दरवाजे पर भगदड़ का घटना सामने आई। यह दुर्घटना 17 अक्टूबर को शाम लगभग 7.40 बजे ग्रेश पार्क थाना क्षेत्र में सामने आई। दुर्घटना के बाद सभी घायल लोगों को वहां से निकालकर मेडिकल कॉलेज अस्पताल (एमसीएच) पहुंचाया गया। पुलिस के अनुसार कंट्रोल रूम, फायर ब्रिगेड, कॉलकत्ता पुलिस और डिजास्टर मैनेजमेंट ग्रुप (डीएमजी) की टीमों को मौके पर भेजा गया। एम्बुलेंसों के साथ चिकित्सा टीम भी रवाना की गई। फिलहाल पूजा पंडाल को आस्था रखने वालों के लिए बंद कर दिया गया है। प्रशासन की निर्देश पर निकट में मौजूद 'ताला परतौ पंडाल' को भी फिलहाल बंद कर दिया गया है, जबकि 'चितला अगरनी पंडाल' को एक घंटे के लिए बंद किया गया।
दुर्घटना के बारे में एक आंखी गवाह ने बताया कि भगदड़ के दौरान कई लोग बेहोश हो गए थे। कुछ लोगों को मोटरसाइकिलों पर बैठा कर वहां से ले जाया गया। आंखी गवाह के अनुसार उसने आसपास कई लोगों को बेहोश होते और उन्हें मोटरसाइकिलों के जरिए ले जाते हुए देखा। एक मीडिया रिपोर्ट में बताया गया है कि पिछले 4-3 दिनों से यहां बड़ी संख्या में लोग दर्शन के लिए पहुंच रहे थे। पंडाल की लोकप्रियता के कारण वहां लगातार भीड़ जमा हो रही थी। दुर्घटना के समय पंडाल के पास काफी लोग मौजूद थे, अचानक बारिश की वजह से बाहर खड़े लोग भीगने से बचने के लिए पंडाल के अंदर पहुंचने लगे। इस कारण पंडाल पर दबाव बढ़ गया और उसका एक हिस्सा नष्ट हो गया। इस घटना के कारण भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो गई जिसमें कुछ लोग दब गए।
इस भगदड़ घटना पर केंद्रीय मंत्री अंदरु इम्त शा ने गंभीर अफसोस का व्यक्त किया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा है कि "अभी अभी कॉलकाता के चौर बागान दर्गा पूजा पंडाल में हुई भगदड़ की अत्यंत तकलीफ़देह खबर मिली। इस सन्दर्भ में मुख्यमंत्री स्वेन्दु अधिकारी से बातचीत की।"
साथ ही उन्होंने लिखा कि "इस दुर्घटना में हताहत हुए आस्थावानों की आत्मा को शांति मिलने के लिए दुआ करता हूं और परिवार के प्रति सहानुभूति व्यक्त करता हूं।" इस दुर्घटना पर पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बंजरी ने भी गंभीर दुःख का व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि घटना की खबर से वह अत्यंत सदमे और अफसोस में हैं। ममता बंजरी ने घायल लोगों की शीघ्र स्वस्थ होने की कामना व्यक्त की और इस कठिन समय में प्रभावित परिवारों को हिम्मत और साहस देने के लिए मां दर्गा से दुआ की।