हमें मारो, धमकाओ या डराने की कोशिश करो, हम पीछे नहीं हटेंगे: राहुल गांधी
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जब तक संविधान की रक्षा, चीफ इलेक्शन कमिशनर का इस्तीफा, चुनावी प्रणाली में सुधार और देशवासियों को न्याय नहीं मिल जाता, आंदोलन जारी रहेगा।
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और लोकसभा में विपक्षी नेता राहुल गांधी ने वोट चोरी और प्रमुख चुनाव आयुक्त गीतेश कुमार के खिलाफ जन आंदोलन जारी रखने की घोषणा करते हुए कहा कि जब तक प्रमुख चुनाव आयुक्त इस्तीफा नहीं देते और चुनावी प्रणाली में सुधार नहीं होते, तब तक युवा पीछे नहीं हटेंगे और यह जन आंदोलन जारी रहेगा। श्री गांधी ने मंगलवार को यहां एक विशेष प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह घोषणा करते हुए कहा कि दिल्ली को छावनी में बदल दिया गया है और लोगों को राजधानी में प्रवेश से रोक दिया गया है, प्रदर्शनकारियों को पीटा जा रहा है और इससे स्पष्ट होता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार गीतेश कुमार की रक्षा कर रही है। उन्होंने दावा किया कि पुलिसकर्मी भी वर्तमान स्थिति से परेशान हैं और उनमें से कई विपक्ष के आंदोलन को सही मानते हैं। उनका कहना था कि सच उनके साथ है और वे न थकेंगे, न रुकेंगे और लड़ते रहेंगे।
उन्होंने कहा कि पुलिस, आईटीबीपी, सीआरपीएफ, जनता और विपक्षी दल एक ओर हैं, जबकि दूसरी ओर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल और गीतेश कुमार हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि आरएसएस और बीजेपी से जुड़े लोग महिलाओं और युवाओं के खिलाफ हिंसा करके प्रदर्शनकारियों को निशाना बना रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि मोदी सरकार के लगभग 200 अधिकारी उनके संपर्क में हैं और एनफोर्समेंट डायरेक्टोरेट (ईडी), सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इंवेस्टिगेशन (सीबीआई) और विदेश मंत्रालय के अंदर से उन्हें लगातार जानकारी मिल रही है। उन्होंने कहा कि मतदाओं के अधिकार छीने जाने पर लोग सवाल पूछ रहे हैं।
श्री गांधी ने बताया कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और उन्होंने लोकतंत्र और चुनावों की पारदर्शिता पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए भारत के मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखा था। मुख्य न्यायाधीश ने जवाब देते हुए याचिका दायर करने को कहा है। 'इंडिया गठबंधन के नेता अब मिलकर सुप्रीम कोर्ट जाकर याचिका दायर करेंगे। जनता से इस जन आंदोलन में शामिल होने की अपील करते हुए उन्होंने कहा कि संविधान की रक्षा पर विश्वास रखने वाले सभी दलों के लोग इस लड़ाई में शामिल होंगे।
जब तक संविधान की रक्षा, प्रमुख चुनाव आयुक्त का इस्तीफा, चुनावी प्रणाली में सुधार और देश के लोगों को न्याय नहीं मिल जाता, आंदोलन जारी रहेगा।
कांग्रेस नेता ने कहा कि पहले दिन विपक्षी नेताओं को चुनाव आयोग जाते समय रोका गया और बस में बैठा दिया गया, दूसरे दिन जंतर मंतर जाते समय भी उन्हें रोका गया और धक्का-मुकी हुई, जबकि तीसरे दिन विपक्षी नेताओं ने राजघाट पर प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि अब विपक्ष सुप्रीम कोर्ट जा रहा है।
उन्होंने युवाओं से हर दिन लोकतंत्र और संविधान की रक्षा की लड़ाई जारी रखने, किसी से डरे बिना आंदोलन से पीछे न हटने की अपील की और कहा कि यह आंदोलन भगवान शिव के तान्डव और शिव की बारात की तरह जन कल्याण के लिए है, इसमें कुछ भी पहले से तय नहीं होता और इसमें कोई भी शामिल हो सकता है।