बिहार के बजट में महिलाओं के लिए बड़ा एलान, जानें क्या है खास?
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पटना : (एबीएन) बिहार सरकार के वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में महिलाओं की सुरक्षा, सशक्तिकरण और सुविधाओं पर विशेष जोर दिया गया है। महिला सरकारी कर्मचारियों के लिए पोस्टिंग के स्थान के निकट आवास की मंजूरी दी गई है, और राज्य की स्थानीय महिलाओं के लिए 35 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण को सीधी भर्ती में जारी रखा गया है।
आज बिहार विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे दिन राज्य सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश किया। वित्त मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने दोपहर 2 बजे विधानसभा में बजट पेश किया। विधानसभा चुनाव के बाद नीतीश कुमार सरकार का यह पहला पूर्ण बजट है, और इसमें राज्य के विकास, रोजगार और बुनियादी ढांचे के संबंध में महत्वपूर्ण अपेक्षाएं जुड़ी हुई हैं।
सामान्य प्रशासन विभाग के महत्वपूर्ण घोषणाएं राज्य की महिला सरकारी कर्मचारियों को पोस्टिंग के स्थान के निकट आवास की सुविधा प्रदान करने की मंजूरी दी गई है। सचिवालय के विभागों और अधिकारियों के कार्य को स्पष्ट और सुगम बनाने के लिए मानक संचालन प्रक्रिया स्थापित की गई है। बिहार में सभी सरकारी सेवाओं, कैडरों और सभी प्रकार के पदों पर सीधी भर्तियों में राज्य की निवासी महिला उम्मीदवारों के लिए 35 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण प्रणाली मौजूद है। मुख्यमंत्री फेलोशिप योजना को बिहार प्रशासनिक सुधार मिशन सोसायटी के माध्यम से भारतीय प्रबंधन संस्थान, बोधगया के साथ समझौते में लागू किया गया है। बिहार युवा आयोग की भी स्थापना की गई है।
भर्ती और रोजगार सृजन की योजना अप्रैल 2025 से, बिहार लोक सेवा आयोग को 19,213 पदों के लिए आवेदन भेजे गए हैं, 37,076 बिहार कर्मचारी चयन आयोग को, 47,098 बिहार तकनीकी सेवा आयोग को, 2,718 बिहार संयुक्त प्रवेश प्रतियोगी परीक्षा बोर्ड को, 2,321 पदों के लिए बिहार लोक सेवा आयोग को भेजे गए हैं। बिहार पुलिस अधीनस्थ सेवा आयोग और केंद्रीय चयन बोर्ड (कांस्टेबल भर्ती) में 30,815। इस प्रकार कुल 141,975 पदों पर भर्ती की प्रक्रिया शुरू की गई है। इस अवधि के दौरान सरकारी क्षेत्र में 38,713 नियमित नियुक्तियां और 5,375 अनुबंध नियुक्तियां हुईं, जिनमें 16,086 पुरुष और 22,627 महिलाएं शामिल हैं। इस प्रकार इन आयोगों और संस्थानों के माध्यम से सरकारी क्षेत्र में कुल 44,088 लोगों को रोजगार प्रदान किया गया है।
आपातकालीन सेवाएं और महिला सुरक्षा आपातकालीन प्रतिक्रिया समर्थन प्रणाली के तहत अब तक 5.1 मिलियन से अधिक लोगों को आपातकालीन सेवाएं प्रदान की जा चुकी हैं। प्रतिदिन लगभग 6,000 लोगों को सेवा प्रदान की जाती है। 15 दिसंबर 2025 तक, 2,059,196 से अधिक लोगों को सेवाएं प्रदान की गई हैं, मुख्य रूप से महिलाओं के खिलाफ हिंसा, आपराधिक घटनाएं, आग, सड़क दुर्घटनाएं, यातायात समस्याएं और शराब के प्रतिबंध के मामले।
राज्य में महिलाओं को सशक्त बनाने और उन्हें सुरक्षित वातावरण प्रदान करने के लिए सितंबर 2024 में "सुरक्षित यात्रा सुविधा" की शुरुआत की गई है। इसका मुख्य उद्देश्य अकेले यात्रा करने वाली महिलाओं के लिए सुरक्षित परिवहन को सुनिश्चित करना है। बिहार इस सुविधा को लागू करने वाला देश का तीसरा राज्य है। इस प्रणाली के तहत महिलाएं 112 डायल करके अपनी जानकारी साझा कर सकती हैं और सुरक्षित तरीके से अपने गंतव्य तक पहुंच सकती हैं। उनकी गतिविधियों पर तकनीकी रूप से नजर रखी जाती है, और आपातकालीन स्थिति या आवश्यकता के मामले में, आपातकालीन प्रतिक्रिया वाहन भी भेजे जाते हैं।
मुख्यमंत्री कन्या विवाह मंडप योजना मुख्यमंत्री कन्या विवाह मंडप योजना के तहत राज्य की प्रत्येक ग्राम पंचायत में विवाह भवन बनाए जा रहे हैं। कुल एक हजार विवाह भवनों पर काम शुरू किया गया है। इन विवाह भवनों के निर्माण से ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों की सामाजिक और सांस्कृतिक आवश्यकताएं पूरी होंगी और आर्थिक सहायता भी मिलेगी। पिछले बजट में सरकार ने महिला सशक्तिकरण विभाग के लिए कई बड़े घोषणाएं की थीं। इनमें बिहार के बड़े शहरों में महिलाओं के लिए पिंक बसों का संचालन, पिंक बस सेवा पर महिला यात्रियों, ड्राइवरों और कंडक्टरों की उपलब्धता, परिवहन निगम में तीन पदों पर महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण और महिलाओं के स्व-रोजगार को बढ़ावा देने के लिए ई-रिक्शा चलाने के लिए नकद अनुदान की उपलब्धता शामिल है।