बिहार विधानसभा : भाजपा विधायक ने विदेशी नागरिकों का मुद्दा उठाया, गृह मंत्री सुमित सिंह की जांच का आश्वासन दिया
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पटना, 9 फरवरी (एबीएन)। बिहार विधान सभा के बजट सत्र के पांचवें दिन सोमवार को गोपालगंज जिले के बैकुंठपुर विधानसभा क्षेत्र से भाजपा के विधायक मथेलेश तिवारी ने शून्यकाल के दौरान सदन में गृह विभाग से संबंधित राष्ट्रीय सुरक्षा का गंभीर मुद्दा उठाया। मथेलेश तिवारी ने 1990 से 2015 के बीच पाकिस्तानी नागरिकों के गोपालगंज में आगमन और बसने के संबंध में प्रश्न किया। इसके जवाब में गृह मंत्री सुमरत चौधरी ने कहा कि बिहार आने वाले सभी लोगों की जांच की जाएगी, उनके रहने, आने-जाने और यात्रा की तिथि सहित सभी गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी। मथेलेश तिवारी ने सरकार से पूछा कि धार्मिक यात्रा पर आने वाले विदेशी नागरिकों की पहचान और पुष्टि की क्या प्रक्रिया है। विधायक ने सदन में कहा कि कुछ लोग धार्मिक यात्रा पर भारत आते हैं और फिर नागरिकता प्राप्त कर लेते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि ऐसे लोग आजकल कई क्षेत्रों में घर बनवा लेते हैं, जमीन और संपत्ति हासिल कर लेते हैं और मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज करा लेते हैं। विधायक मथेलेश तिवारी ने कहा कि उनके क्षेत्र में महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल थावे मंदिर है, इसके अलावा कोई बड़ा धार्मिक स्थल नहीं है। इसके बावजूद वहां कुछ विदेशी नागरिक नियमित रूप से देखे जाते हैं। उन्होंने यह प्रश्न भी किया कि जब वे भारत आते हैं तो स्थानीय लोगों के पास उनकी जानकारी होती है, लेकिन उनके आने-जाने का कोई स्पष्ट सरकारी रिकॉर्ड नहीं होता है। उन्होंने गृह विभाग से यह जानने का अनुरोध किया कि क्या इन विदेशी नागरिकों की तस्वीर ली जाती है, क्या आव्रजन विभाग से उनकी पुष्टि होती है और क्या इन लोगों की यात्रा से संबंधित दस्तावेज विभाग के पास सुरक्षित रहते हैं। गृह मंत्री सुमरत चौधरी ने सदन को सूचित करते हुए बताया कि 1995 से 2015 के बीच कुल 173 विदेशी धार्मिक यात्रा पर बिहार आए थे। इनमें से 168 का संबंध पाकिस्तान से था, जबकि कुछ ब्रिटेन और उज्बेकिस्तान से आए थे। मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार यह सुनिश्चित करती है कि पर्यटक या धार्मिक वीजा पर आने वाला कोई भी विदेशी नागरिक आपराधिक गतिविधियों में शामिल न हो। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के तहत सभी मामलों की निगरानी की जाती है। हालांकि विधायक तिवारी ने सदन में इस बात पर चिंता व्यक्त की कि स्थानीय स्तर पर ऐसे विदेशी नागरिकों की गतिविधियों की पूरी जानकारी प्रशासन तक नहीं पहुंच पाती है, जिससे उनकी पहचान और पुष्टि में कठिनाई होती है। विधायक ने यह प्रश्न भी किया कि यदि कोई विदेशी नागरिक धार्मिक यात्रा की आड़ में लंबे समय तक भारत में रहता है और संपत्ति हासिल करता है या मतदाता सूची में शामिल हो जाता है तो उसके खिलाफ स्पष्ट और सख्त कार्रवाई के लिए दिशानिर्देश तय किए जाएं। इस पर गृह मंत्रालय ने आश्वस्त किया कि विदेशी नागरिकों के लिए नागरिकता और स्थायी निवास की प्रक्रिया में पारदर्शिता बरती जाएगी और किसी भी अवैध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।