यूनानी चिकित्सा पद्धति में भविष्य में असीमित संभावनाएं
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पटना (एबीएन) विश्व यूनानी दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में, स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे ने कहा कि आधुनिक और तनावपूर्ण जीवन में बीमारियों में तेजी से वृद्धि हो रही है। यूनानी चिकित्सा पद्धति एकमात्र ऐसी प्रणाली है जो हमें प्राकृतिक उपचार, संतुलित आहार और मानसिक स्वास्थ्य के महत्व को समझने पर मजबूर करती है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार यूनानी चिकित्सा प्रणाली को बढ़ावा देने के लिए तेजी से काम कर रही है। यूनानी चिकित्सा प्रणाली में युवाओं के लिए असीमित संभावनाएं हैं। स्वास्थ्य मंत्री बुधवार को गांधी मैदान के ज्ञान भवन ऑडिटोरियम में राज्य आयुष समिति द्वारा आयोजित वैज्ञानिक सेमिनार और सम्मान समारोह से संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सरकार यूनानी चिकित्सा प्रणाली के विकास में कई महत्वपूर्ण कार्य कर रही है। इस संबंध में, पटना के सरकारी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल की एक नई इमारत का निर्माण किया जा रहा है। निर्माण कार्य पूरा होने के बाद यूनानी प्रणाली के अनुसार चिकित्सा व्यवस्था, सुविधाएं और शिक्षा प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य के सभी जिलों में आयुष डिस्पेंसरी, 30 यूनानी डिस्पेंसरी के साथ-साथ 11 हजार से अधिक आयुष्मान आरोग्य मंदिर के मरीजों को उपचार और दवाओं की सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। प्रत्येक वर्ष 125 स्नातक और 21 स्नातकोत्तर छात्रों को सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में प्रवेश दिया जा रहा है। उन्होंने विश्व यूनानी दिवस कार्यक्रम में उपस्थित डॉक्टरों और छात्रों को बधाई दी। समिति के कार्यकारी निदेशक, विभु चौधरी ने कहा कि विश्व यूनानी दिवस महान चिकित्सक हकीम अजमल खान के जन्मदिन के अवसर पर मनाया जाता है। उन्होंने यूनानी चिकित्सा प्रणाली के संरक्षण, प्रचार और व्यवस्थित प्रसार में ऐतिहासिक भूमिका निभाई। प्रशासनिक अधिकारी मोहम्मद शफीक ने कहा कि चिकित्सा की यूनानी प्रणाली एक प्राचीन, व्यापक और वैज्ञानिक दृष्टिकोण पर आधारित चिकित्सा प्रणाली है। इसमें न केवल बीमारी के लक्षणों पर बल्कि मूल कारण पर भी ध्यान दिया जाता है। इस दृष्टिकोण से दवाओं, जड़ी-बूटियों, आहार संतुलन और दिनचर्या में परिवर्तन के माध्यम से शरीर की प्रतिरक्षा और दीर्घकालिक स्वास्थ्य सुरक्षा को बढ़ाने पर जोर दिया गया है। इस कार्यक्रम को राज्य कार्यक्रम अधिकारी डॉ धनंजय शर्मा, सरकारी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के प्रिंसिपल डॉ महफूजुर रहमान ने भी संबोधित किया, कार्यक्रम में पूरे राज्य में यूनानी चिकित्सा प्रणाली को बढ़ावा देने में बेहतर सेवाएं प्रदान करने वाले डॉ मोहम्मद वसीमुद्दीन, डॉ फजलुल्लाह कादरी, डॉ मोहम्मद फखरुल हक, डॉ मोहम्मद गियासुद्दीन, डॉ मोहम्मद मुजफ्फर और डॉ महफूजुर रहमान को प्रमाण पत्र से सम्मानित किया गया। इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग के विशेष सचिव शैलेश कुमार, संयुक्त सचिव अनुपमा सिंह, बिहार हेल्थ प्रोटेक्शन कमिटी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी शशांक शेखर सिन्हा, अलोक कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।