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वाशिंगटन से फिलहाल बातचीत का कोई इरादा नहीं है
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वाशिंगटन से फिलहाल बातचीत का कोई इरादा नहीं है

Awaz E Bihar•20 अप्रैल 2026 को 03:20 pm बजे•0 व्यूज़•3 मिनट पढ़ें

ईरान ने अमेरिका के साथ आगे की वार्ता से इनकार कर दिया है और कहा है कि वाशिंगटन के साथ वर्तमान में बातचीत का कोई इरादा नहीं है।
ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बकाई ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा है कि अमेरिका के साथ किसी नए वार्ता दौर की कोई योजना नहीं है, वाशिंगटन के साथ वर्तमान में बातचीत का इरादा नहीं है।
प्रवक्ता ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में अमेरिका के साथ बातचीत संभव नहीं है, अमेरिका अतीत से सबक नहीं सीख रहा है, अमेरिकी नीतियों में कोई बदलाव नहीं आया है जिसके परिणाम भी बेहतर नहीं होंगे। ईरान के विदेश मंत्रालय के अनुसार अमेरिका की गलतियों का सिलसिला क्षेत्र के लिए भी खतरनाक साबित हो सकता है, गलत नीतियों से कभी सकारात्मक परिणाम नहीं निकल सकते हैं, अमेरिका की नीति क्षेत्र में और अधिक तनाव पैदा कर रही है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि अमेरिका के कदम क्षेत्र में स्थिरता की बजाय संकट बढ़ा रहे हैं, अमेरिका मीडिया के माध्यम से विरोधाभासी बयान दे रहा है जबकि हमने एक ही रुख अपनाया है, हमारी शर्तें तर्कसंगत हैं और कुछ मीडिया ऐसा दावा कर रहा है जिसका वास्तविकता से कोई संबंध नहीं है। इस्माइल बकाई ने कहा कि अमेरिका पर कोई भरोसा नहीं किया जा सकता है, वह अभी भी अवास्तविक मांगों पर निर्भर है, अतीत में भी अमेरिका ने समझौतों के विपरीत कदम उठाए हैं।
अमेरिका ने समुद्री नाकाबंदी जारी रखकर युद्धविराम का उल्लंघन किया है, अमेरिकी कदमों से यह स्पष्ट होता है कि उनमें राजनयिक प्रयासों में कोई दिलचस्पी नहीं है, ऐसे में ईरान अपने हितों की रक्षा जारी रखेगा।
प्रवक्ता ने कहा कि ईरान के राष्ट्रीय हितों को किसी देश की दुर्भावना पर बलिदान नहीं किया जा सकता है, पाकिस्तान को मध्यस्थ के रूप में अमेरिका की ओर से युद्धविराम के उल्लंघन से आगाह कर दिया गया है, पाकिस्तान ने शांति के लिए अपनी पूरी भूमिका निभाई है, ईरान पर आक्रमण के लिए अमेरिका ने पड़ोसी देशों के ठिकानों का उपयोग किया है।
उन्होंने कहा कि ईरान ने 10 सूत्रीय प्रस्ताव पेश किया था जिस पर इस्लामाबाद टॉक्स में विचार किया गया था, अमेरिका ने लेबनान में युद्धविराम को सीजफायर समझौते का हिस्सा मानने से इनकार कर दिया था, अमेरिका ने समुद्री नाकाबंदी लागू करके तनाव को और बढ़ा दिया है, ईरानी जहाज पर हमला युद्धविराम और अंतर्राष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन है, इसने वार्ता प्रक्रिया का दो बार उल्लंघन किया है, लेबनान में युद्धविराम के आधार पर ही हमने आबनाए होर्मुज को खोला था, लेकिन हमने अमेरिकी दुर्भावना के कई कदम देखे हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि अमेरिका युद्धविराम के लिए गंभीर नहीं है।
ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा पर कोई समझौता नहीं होगा, ईरानी सशस्त्र बल किसी भी हमले का कड़ा जवाब देने के लिए तैयार हैं।
उन्होंने कहा कि बढ़े हुए यूरेनियम के स्थानांतरण के संबंध में अमेरिका ने मीडिया में बहुत सी बातें की हैं, जबकि वार्ता के दौरान उन्होंने बढ़े हुए यूरेनियम के स्थानांतरण के बारे में बात ही नहीं की थी। इस्माइल बकाई ने कहा कि दुश्मन ईरान की वैज्ञानिक क्षेत्र में प्रगति नहीं देखना चाहता है, दुनिया के अन्य देशों की तरह ईरान के लोगों का भी वैज्ञानिक क्षेत्र में प्रगति का अधिकार है, ईरान की प्रगति को रोकने के लिए दुश्मन ने हमारे विश्वविद्यालयों और स्कूलों को निशाना बनाया है।
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