पटना, 8 जनवरी (एबीएन) केरल की कोच्चि वाटर मेट्रो की तर्ज पर बिहार की राजधानी पटना में गंगा नदी पर वाटर मेट्रो चलाने का प्रस्ताव चल रहा है। कोच्चि वाटर मेट्रो के प्रबंध निदेशक लोकनाथ बहिरा ने आज यूएनआई को बताया कि इस पर्यावरण अनुकूल परिवहन सेवा को शुरू करने के लिए बिहार सरकार के साथ उच्च स्तरीय वार्ता जारी है। यह पर्यावरण अनुकूल और हाई-टेक वाटर मेट्रो पूरी तरह से इलेक्ट्रिक हाइब्रिड नौकाओं पर आधारित होगी, जो शून्य कार्बन उत्सर्जन के साथ पर्यावरण की रक्षा करेगी। आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित यह नौकाएं पूरी तरह से एयर कंडीशंड होंगी। कोच्चि की सफलता को देखते हुए, इसे पटना के लिए एक स्थायी और भविष्य के परिवहन का मॉडल माना जा रहा है।
प्रारंभिक योजना के अनुसार, यह सेवा पटना के प्रमुख स्थानों, मुख्य रूप से गाय घाट, महेंद्रू घाट और कंगन घाट को जोड़ेगी। गंगा नदी के किनारे 10 घाटों पर स्टेशन बनाने का प्रस्ताव है, जिनमें पानपुर घाट, ठाकर मेहता घाट, नरियल घाट, दीघा घाट, काली घाट, कोन्हारा घाट, गांधी घाट, चीचर घाट, महेंद्रू घाट और कंचन घाट शामिल हैं। वाटर मेट्रो से निवासियों को काफी लाभ होगा, जिससे वे कम लागत और कम समय में यात्रा कर सकेंगे। इस परियोजना के लिए लगभग 769 करोड़ रुपये की लागत से 45 किलोमीटर लंबी डीपीआर तैयार की जा रही है। बताया गया है कि इस सेवा के शुरू होने से पटना की सड़कों पर यातायात की भीड़ में कमी आएगी, जिससे घंटों की यात्रा में लगने वाले समय में कमी आएगी। इसके अलावा, गंगा के ऐतिहासिक घाटों के पास से गुजरते हुए, यह नदी की पर्यटन के लिए भी एक बड़ा आकर्षण बन जाएगा।