लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर निर्धारित समय में पूरा करें, योजनाओं के कार्यान्वयन में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी: मुख्यमंत्री
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पटना, 27 अक्टूबर (एबीएन): उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राज्य में विकास योजनाओं की गति तेज करने और जन कल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का निर्देश देते हुए कहा कि सभी योजनाओं को तय समय सीमा में पूरा किया जाए और लंबित कार्यों में अनावश्यक देरी न होने दी जाए। उन्होंने अधिकारियों को विकास कार्यों की नियमित निगरानी करने, पात्र लोगों को योजनाओं का लाभ समय पर प्रदान करने और क्रियान्वयन में आ रही रुकावटों को प्राथमिकता के आधार पर दूर करने का निर्देश दिया। उपमुख्यमंत्री मंगलवार को लोक सेवक आवास स्थित 'संकल्प' सभागार में 'बिहार गति' के तहत 100 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली राज्य विकास योजनाओं और केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा कर रहे थे। बैठक में उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों को योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाने और निर्धारित लक्ष्यों को समय पर पूरा करने का निर्देश दिया।
सम्राट चौधरी ने पटना के राजेंद्र नगर स्थित डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम साइंस सिटी में विभिन्न दीर्घाओं के प्रदर्शनी मॉडल के निर्माण का कार्य 2028 तक पूरा करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि इस परियोजना का उद्देश्य राज्य में वैज्ञानिक चेतना, नवाचार और वैज्ञानिक शिक्षा को बढ़ावा देना है। उपमुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय राजमार्ग NH 119D के तहत आमस-दरभंगा राजमार्ग के पैकेज-1 में 55 किलोमीटर लंबे आमस-शिवरामपुर सेक्शन की समीक्षा करते हुए इसे 2027 तक पूरा करने का निर्देश दिया। उन्होंने बिहार में जल निकायों के पुनरुद्धार और गाद प्रबंधन से संबंधित नीति के तहत भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के साथ आवश्यक समझौते की कार्रवाई आगे बढ़ाने पर भी जोर दिया।
बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) की प्रगति की समीक्षा करते हुए उपमुख्यमंत्री ने आवास आवंटन के लिए सर्वे की प्रक्रिया तेज करने का निर्देश दिया, ताकि प्राप्त आपत्तियों का त्वरित और पारदर्शी तरीके से निवारण किया जा सके और पात्र परिवारों को समय पर योजना का लाभ मिले। उन्होंने इस योजना के तहत 12 लाख मकानों के निर्माण का लक्ष्य जल्द पूरा करने और बाढ़ प्रभावित परिवारों को प्राथमिकता सूची में शामिल रखने का निर्देश भी दिया। प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महा अभियान की समीक्षा करते हुए विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों के पात्र परिवारों को पक्के मकान उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया। उपमुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया, ताकि जनजातीय परिवार योजना के लाभों से वंचित न रहें।
उपमुख्यमंत्री ने वास स्थल क्रय सहायता योजना के तहत मकान निर्माण के लिए पात्र लाभार्थियों को जमीन उपलब्ध कराने की स्थिति की भी समीक्षा की। उन्होंने जिलों के प्रभारी सचिवों को निर्देश दिया कि सरकारी जमीन की उपलब्धता की अंचल वार समीक्षा की जाए और लाभार्थियों को सहायता प्रदान करने में आ रही कठिनाइयों को दूर करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं। मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास योजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए उन्होंने संबंधित अधिकारियों को योजना के क्रियान्वयन की निरंतर निगरानी करने और निर्धारित नियमों के अनुसार पात्र परिवारों तक लाभ पहुंचाने का निर्देश दिया।
सम्राट चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार विकास योजनाओं को तय समय में पूरा करने और जन कल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। अधिकारियों को चाहिए कि वे योजनाओं की नियमित निगरानी करें, लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराएं और क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की अनावश्यक देरी न होने दें। बैठक में मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह, ग्रामीण विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव एच.आर. श्रीनिवास, सड़क निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल, मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह और संजय कुमार सिंह, भवन निर्माण विभाग के सचिव प्रणव कुमार, विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के सचिव हिमांशु शर्मा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।