आबनाए होर्मुज में अब पहले जैसी समुद्री आवाजाही नहीं होगी: अराघची
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ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि अगर ईरान पर दोबारा हमला किया गया तो इसके परिणाम पहले से अलग नहीं होंगे और क्षेत्र में 40 दिवसीय युद्ध से पहले की स्थिति अब बहाल नहीं होगी। अराघची ने रविवार को ईरानी विदेश मंत्रालय के सेंटर फॉर पॉलिटिकल एंड इंटरनेशनल स्टडीज में पूर्व विदेश मंत्री कमाल खराज़ी की याद में आयोजित एक समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि पाकिस्तान, कतर और अन्य देशों की मध्यस्थता में अमेरिका के साथ हुई वार्ता में ईरान ने स्पष्ट किया है कि क्षेत्र के सभी मोर्चों पर युद्ध का अंत आवश्यक है, अन्यथा क्षेत्रीय स्थिरता संभव नहीं होगी। उन्होंने कहा कि सभी को यह स्वीकार करना होगा कि क्षेत्र में मौलिक और रणनीतिक बदलाव आ चुके हैं और 40 दिवसीय युद्ध से पहले की स्थिति दोबारा बहाल नहीं होगी। उनके अनुसार इस बदलाव में होर्मुज जलडमरूमध्य भी शामिल है, जहाँ समुद्री यातायात और व्यवस्थाएँ अब पहले जैसी नहीं रहेंगी। अराघची ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य कई दशकों तक खुला रहा और ईरान व ओमान ने जहाजों की आवाजाही में बाधा डालने के बजाय सुरक्षा, संरक्षण और पर्यावरण की रक्षा सुनिश्चित करने के लिए काम किया, हालांकि वर्तमान युद्ध ने स्थिति बदल दी है। उन्होंने कहा कि इन मुद्दों पर ईरान और ओमान के बीच बातचीत हुई है और यह चर्चा जारी रहेगी। ईरानी विदेश मंत्री ने कहा कि इन दिनों दोबारा युद्ध की बातें हो रही हैं, लेकिन वह युद्ध के बाद के चरण के बारे में सोच रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर तर्क से काम लिया गया तो ईरान के खिलाफ दोबारा सैन्य हमला या आक्रामकता नहीं की जाएगी। अराघची ने कहा कि विरोधी पक्ष दो बार यह अनुभव कर चुका है और इसके परिणाम देख चुका है, इसलिए यदि वह इसे दोबारा दोहराना चाहता है तो उसे मालूम होना चाहिए कि इस बार भी परिणाम पहले से अलग नहीं होंगे। ईरान की संसद के अध्यक्ष बाकिर कालीबाफ ने कहा है कि ईरानी राष्ट्र अमेरिकी सैन्य धमकियों और दबाव से भयभीत नहीं होगा और ईरान की प्रादेशिक अखंडता के किसी भी उल्लंघन का दुश्मन की कल्पना से भी बड़ा जवाब दिया जाएगा। कालीबाफ ने संसद के सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि पूर्ण युद्ध या हत्या की धमकियाँ ईरानी राष्ट्र को अपने अधिकारों और हितों से पीछे हटने पर मजबूर नहीं कर सकतीं। उनके अनुसार जब तक अमेरिका अपना रवैया नहीं बदलता, धौंस व धमकियाँ बंद नहीं करता और अपने तोड़े गए वादों की व्यावहारिक रूप से भरपाई नहीं करता, तेहरान की नज़र में अमेरिकी दावों की कोई विश्वसनीयता नहीं होगी। उन्होंने कहा कि ईरान अपनी प्रादेशिक अखंडता की रक्षा के लिए तैयार है और किसी भी उल्लंघन का ऐसा जवाब देगा जिसकी दुश्मन कल्पना भी नहीं कर सकता। कालीबाफ ने यह भी कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में ईरान के लिए अपने अधिकारों और हितों से पीछे हटने का सवाल ही पैदा नहीं होता। इस बीच, ईरानी सेना ने दावा किया है कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने दक्षिणी ईरान के तटीय शहर बंदर अब्बास के हवाई क्षेत्र में एक अमेरिकी निर्मित LUCAS ड्रोन को मार गिराया है। ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार घटना में ड्रोन को वायु रक्षा प्रणाली ने निशाना बनाया, हालांकि इस संबंध में अधिक तकनीकी विवरण प्रदान नहीं किए गए। ईरानी वायु रक्षा ने अमेरिकी ड्रोन को निशाना बनाया: सेना ईरान की सेना ने दावा किया है कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने दक्षिणी ईरान के तटीय शहर बंदर अब्बास के ऊपर एक अमेरिकी ड्रोन को मार गिराया है। रॉयटर्स के अनुसार ईरानी सेना का यह दावा अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी तस्नीम के माध्यम से सामने आया। ईरानी अधिकारियों ने बताया कि मार गिराया गया ड्रोन अमेरिकी निर्मित ''LUCAS'' था, जो अपेक्षाकृत कम लागत वाला मानवरहित विमान है और इसे सैन्य अभियानों में हमलों के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। ईरानी सेना ने हालांकि घटना के अधिक तकनीकी विवरण, ड्रोन के मिशन या उसे मार गिराने की कार्यप्रणाली के बारे में कोई जानकारी प्रदान नहीं की।