राज्य कोचिंग योजना का दायरा विस्तृत, दो वर्षों में 1,043 उम्मीदवार सफल
Awaz E Bihar
••6 व्यूज़•2 मिनट पढ़ें
प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए अभ्यर्थियों को गुणवत्तापूर्ण कोचिंग, विशेषज्ञ मार्गदर्शन और आवश्यक सहायता प्रदान की जाएगी।
पटना: अल्पसंख्यक वर्ग के युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर शैक्षणिक अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से राज्य सरकार की राज्य कोचिंग योजना का दायरा लगातार बढ़ रहा है। वित्तीय वर्ष 2024-25 और वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान इस योजना के तहत कुल 3610 छात्रों के लिए कोचिंग कार्यक्रम चलाया गया, जिनमें 1043 अभ्यर्थियों ने सफलता प्राप्त की। वहीं, वित्तीय वर्ष 2026-27 में अब तक 693 छात्रों के लिए कोचिंग कार्यक्रम की मंजूरी दे दी गई है।
अल्पसंख्यक कल्याण विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2024-25 में 1,230 छात्रों को कोचिंग के अवसर मिले, जिनमें से 545 सफल हुए। इसके बाद, वित्तीय वर्ष 2025-26 में कोचिंग कार्यक्रम का दायरा बढ़कर 2,380 छात्रों तक पहुंच गया। इस प्रकार एक वर्ष में 1,150 अभ्यर्थियों की संख्या में वृद्धि दर्ज की गई और योजना के दायरे में लगभग 1.9 गुना की वृद्धि हुई। हालांकि, इस अवधि में सफल अभ्यर्थियों की संख्या 498 रही।
वित्तीय वर्ष 2026-27 में 693 अभ्यर्थियों के लिए मंजूर किए गए कोचिंग कार्यक्रमों में बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) की प्रारंभिक परीक्षा की तैयारी भी शामिल है। इसके अलावा, सेंट्रल सिलेक्शन बोर्ड (कॉन्स्टेबल भर्ती) ड्राइवर कॉन्स्टेबल प्रतियोगी परीक्षा में सफल होने वाले अभ्यर्थियों के लिए इस योजना के तहत मोटर वाहन की कौशल प्रशिक्षण भी प्रदान किया जा रहा है। इससे अभ्यर्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं के विभिन्न चरणों की बेहतर तैयारी का अवसर मिलेगा।
राज्य कोचिंग योजना के तहत मुस्लिम, ईसाई, सिख, बौद्ध, जैन और पारसी समुदायों के युवा लाभान्वित होते हैं। इस योजना का उद्देश्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों को गुणवत्तापूर्ण कोचिंग, विशेषज्ञ मार्गदर्शन और आवश्यक शैक्षणिक सहायता प्रदान करना है। इस योजना के माध्यम से युवाओं को व्यवस्थित तरीके से परीक्षाओं के विभिन्न चरणों के लिए तैयार किया जाता है, जिससे वे बेहतर प्रदर्शन कर सकें और सरकारी सेवाओं सहित रोजगार के अवसरों तक पहुंच प्राप्त कर सकें।