राज्य में चिकित्सा और वैज्ञानिक अनुसंधान के नए युग का आगाज : प्रोफेसर मोहम्मद महफूज़ुर्रहमान
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पटना 12 दिसंबर:(एबीएन) राज्य में चिकित्सा और वैज्ञानिक अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए एक ऐतिहासिक कदम के रूप में नाइपर (नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मास्यूटिकल एजुकेशन एंड रिसर्च) हाजीपुर और सरकारी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल, पटना के बीच आज एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। इस साझेदारी से न केवल दो महत्वपूर्ण संस्थानों के बीच सहयोग को नई दिशा मिलेगी, बल्कि राज्य में आधुनिक चिकित्सा अनुसंधान के नए द्वार भी खुलेंगे। सरकारी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के प्रिंसिपल प्रोफेसर डॉक्टर मोहम्मद महफूजुर रहमान ने इस अवसर पर कहा कि यह एमओयू न केवल दोनों संस्थानों के लिए, बल्कि बिहार की चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान के लिए भी एक मील का पत्थर साबित होगा। इस साझेदारी के माध्यम से हम छात्रों, शिक्षकों और शोधकर्ताओं को उच्च गुणवत्ता वाले अनुसंधान, प्रशिक्षण और क्लिनिकल अनुभव प्रदान करने में सक्षम होंगे। सहायक प्रोफेसर डॉक्टर मोहम्मद शफाकत करीम ने कहा कि इस एमओयू का मुख्य उद्देश्य दोनों संस्थानों के बीच सहयोग के लिए एक व्यापक ढांचा तैयार करना है, जिसके तहत कई क्षेत्रों में संयुक्त कार्रवाई की जाएगी, जैसे कि संयुक्त अनुसंधान परियोजनाएं, विशेष रूप से फार्माकोलॉजी और संबंधित क्षेत्रों में संयुक्त अनुसंधान गतिविधियों का आयोजन। विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रम, जैसे कि छात्रों, शिक्षकों और स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े पेशेवरों के लिए संयुक्त कार्यशालाएं, प्रशिक्षण सत्र और शैक्षिक कार्यक्रमों का आयोजन। क्लिनिकल सेवाओं में सुधार, जैसे कि मरीजों की देखभाल के मानकों में सुधार के लिए संसाधनों और विशेषज्ञता का आदान-प्रदान, विशेष रूप से क्लिनिकल अनुसंधान को व्यावहारिक सेवाओं के साथ जोड़ना। आदान-प्रदान कार्यक्रम, जैसे कि शैक्षिक और क्लिनिकल अनुभवों के आदान-प्रदान के लिए छात्रों और संकाय के परस्पर आदान-प्रदान कार्यक्रमों को बढ़ावा देना। एमओयू पर हस्ताक्षर समारोह नाइपर हाजीपुर में आयोजित किया गया था, जिसमें दोनों संस्थानों के प्रतिनिधि शामिल हुए। सरकारी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल, पटना की ओर से जिन सम्मानित सदस्यों ने भाग लिया, उनमें प्रोफेसर डॉक्टर मोहम्मद महफूजुर रहमान (प्रिंसिपल), डॉक्टर मोहम्मद तनवीर आलम (अध्यक्ष, विभाग के सामान्य), डॉक्टर मोहम्मद अनीस (अध्यक्ष, विभाग फार्माकोलॉजी), डॉक्टर नजीबुर रहमान (अध्यक्ष, विभाग चिकित्सा), डॉक्टर रजिया शाहीन (सहायक प्रोफेसर, फार्माकोलॉजी), डॉक्टर मोहम्मद शफाकत करीम (सहायक प्रोफेसर, सुरक्षा और सामाजिक चिकित्सा) के नाम उल्लेखनीय हैं। नाइपर की ओर से कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्थान की निदेशक श्रीमती के रुक्मिणी ने की। इस अवसर पर नाइपर के रजिस्ट्रार डॉक्टर अभिषेक साहू, डीन डॉक्टर राम लिंगम, फार्माकोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉक्टर नितीश कुमार और सहायक प्रोफेसर डॉक्टर संजीव कुमार भी उपस्थित थे। इस एमओयू के तहत दोनों संस्थान चिकित्सा अनुसंधान, फार्मास्यूटिकल विज्ञान, दवा निर्माण, प्रयोगशाला संसाधनों के परस्पर उपयोग, प्रशिक्षण कार्यक्रमों और संयुक्त अनुसंधान गतिविधियों को मजबूत बनाने के लिए मिलकर काम करेंगे। वक्ताओं के अनुसार यह साझेदारी राज्य में वैज्ञानिक और चिकित्सा अनुसंधान के नए क्षितिज को प्रकाशित करेगी। इस साझेदारी से दोनों संस्थानों के छात्रों और शिक्षकों को सीधे लाभ होगा, जबकि भविष्य में उच्च और मानक अनुसंधान परिणामों के प्राप्ति में भी यह कदम अत्यधिक सहायक साबित होगा।