सुरक्षा को आधुनिक बनाने के लिए एआई कैमरे लगाए जाएंगे: स्मृति चौधरी
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पटना, 10 दिसंबर (एबीएन) उपमुख्यमंत्री और गृह मंत्री सुमित कुमार सिंह चौधरी ने बुधवार को कहा कि राज्य की सुरक्षा को अत्याधुनिक और प्रभावी बनाने के लिए आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित कैमरे लगाए जाएंगे। श्री चौधरी ने यहां सहायक उप निरीक्षकों को नियुक्ति पत्र वितरित करने के बाद मीडिया से बातचीत में कहा कि बिहार की सुरक्षा को आधुनिक रूप में स्थापित करने के लिए बड़े पैमाने पर एआई कैमरे लगाए जाएंगे। उन्होंने बताया कि राज्य की सभी जेलों में 10 हजार से अधिक कैमरे लगाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि रेलवे जंक्शनों, शहरों, चौराहों और शहरी व पंचायती क्षेत्रों के प्रवेश और निकास बिंदुओं पर कैमरे अनिवार्य रूप से लगाए जाएंगे। साथ ही उन्होंने बताया कि ब्याज पर पैसा देकर मनमानी वसूली और लोगों को जमीन गिरवी रखने पर मजबूर करने वाली इस अवैध प्रथा को समाप्त करना सरकार की पहली प्राथमिकता है। उपमुख्यमंत्री ने बताया कि वर्तमान में बिहार पुलिस की सभी स्वीकृत पदों की संख्या 2,29,651 है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष 21,391 सिपाहियों की भर्ती कर उन्हें प्रशिक्षण दिया जा रहा है। 19,838 सिपाही पदों के लिए लिखित परीक्षा हो चुकी है, शारीरिक परीक्षा इसी महीने शुरू होगी और चयन मार्च 2026 तक पूरा कर लिया जाएगा। सब इंस्पेक्टर के 1218 अधिकारियों का प्रशिक्षण राजगीर एकेडमी में पूरा होने वाला है, जबकि 1799 पदों के लिए भर्ती का विज्ञापन जारी है। बिहार लोक सेवा आयोग के माध्यम से चयनित 19 पुलिस उपाधीक्षकों का प्रशिक्षण जारी है। 4300 ड्राइवर सिपाही पदों की भर्ती के तहत लिखित परीक्षा आयोजित की जा चुकी है। श्री चौधरी ने कहा कि बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा स्थापित सुशासन को और मजबूती से लागू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि तकनीक पर आधारित कानून और व्यवस्था को जमीन पर उतारना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने आदेश दिया कि सभी जिलों के पुलिस अधीक्षक नियमित रूप से थानों में जनता दरबार लगाएं और गंभीर मामलों का त्वरित ट्रायल सुनिश्चित करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिहार में किसी भी स्तर के माफिया को नहीं बख्शा जाएगा। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में 2005 से भर्ती प्रक्रिया पारदर्शिता के साथ जारी है। उन्होंने बताया कि 2005 से 2020 तक 7.5 लाख से अधिक भर्तियां हुईं, जबकि पिछले पांच वर्षों में 11.5 लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी दी गई। इसी श्रृंखला में पुलिस मुख्यालय की ओर से सहायक उप निरीक्षक को नियुक्ति पत्र दिए गए हैं।