सभी गर्ल्स हॉस्टलों में 24 घंटे महिला वार्डन की उपस्थिति अनिवार्य होगी: स्मृति चौधरी
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पटना, 04 फरवरी (एबीएन) उपमुख्यमंत्री और गृह मंत्री सुमात्रा चौधरी ने बुधवार को निर्देश जारी किया है कि राज्य के सभी गर्ल्स हॉस्टलों में 24 घंटे महिला वार्डन की उपस्थिति अनिवार्य होगी, जो छात्राओं की सुरक्षा के लिए आवश्यक है। श्री चौधरी ने आज जारी अपने बयान में कहा कि समाज की प्रगति और महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए लड़कियों और महिलाओं का शिक्षित और आत्मनिर्भर होना बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि बिहार सरकार महिलाओं के विकास के लिए लगातार काम कर रही है। सरकार का मानना है कि महिलाओं को स्कूल, कॉलेज, कार्यस्थल और आवासीय स्थानों पर सुरक्षित वातावरण मिलना चाहिए। महिलाओं को समान अवसर और सम्मान के साथ जीवन जीने के अधिकार में कोई बाधा न आए, इसके लिए गृह विभाग की ओर से आवश्यक दिशानिर्देश जारी किए गए हैं। उपमुख्यमंत्री सुमात्रा चौधरी ने कहा कि राज्य भर में चल रहे गर्ल्स हॉस्टल और लॉज के लिए नए दिशानिर्देश जारी किए गए हैं। उन्होंने कहा कि अब हर गर्ल्स हॉस्टल और लॉज का पंजीकरण अनिवार्य होगा। हर थाने में मौजूद सभी हॉस्टलों का पूरा रिकॉर्ड रखा जाएगा, ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत जानकारी मिल सके। इसकी जिम्मेदारी महिला हेल्प डेस्क को सौंपी गई है। श्री चौधरी ने कहा कि सभी हॉस्टलों में 24 घंटे महिला वार्डन की उपस्थिति अनिवार्य होगी। इसके अलावा वार्डन, गार्ड, बावर्ची और सफाई कर्मचारी सहित सभी कर्मचारियों की पुलिस सत्यापन अनिवार्य कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा के लिए हॉस्टल के मुख्य द्वार, राहदारी, भोजन स्थल और पूरे परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे, जिनकी रिकॉर्डिंग कम से कम 30 दिन तक सुरक्षित रखी जाएगी। उन्होंने बताया कि हॉस्टलों में उचित प्रकाश, बेहतर स्वच्छता की व्यवस्था, मजबूत दरवाजे और ताले, और खिड़कियों में लोहे की जाली होना अनिवार्य होगा। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि हॉस्टल में आने वाले हर व्यक्ति का नाम और मोबाइल नंबर, आधार नंबर के साथ विजिटर रजिस्टर में दर्ज किया जाएगा। आवासीय कमरों के हिस्से में पुरुषों का प्रवेश पूरी तरह से प्रतिबंधित होगा। रात के समय छात्राओं और स्टाफ की उपस्थिति को सुनिश्चित करने के लिए बायोमेट्रिक सिस्टम लगाने पर भी जोर दिया गया है। उन्होंने कहा कि आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए हॉस्टलों में स्थानीय थाने, महिला हेल्प डेस्क, अभियान ब्रिगेड और 112 नंबर से संबंधित जानकारी पोस्टर लगाए जाएंगे। छात्राओं को 112 इंडिया ऐप के सुरक्षा फीचर्स के बारे में भी जागरूक किया जाएगा। श्री चौधरी ने कहा कि पुलिस, महिला हेल्प डेस्क और अभियान ब्रिगेड मिलकर हॉस्टलों की नियमित जांच करेंगे। किसी भी संदिग्ध या आपराधिक गतिविधि की सूचना मिलने पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि बच्चियों की सुरक्षा पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा और इन सभी निर्देशों पर सख्ती से अमल किया जाएगा।