सर्दी से बचाव के लिए पटना में 107 स्थानों पर अलाव का आयोजन किया गया
Awaz E Bihar••1 व्यूज़•3 मिनट पढ़ें
पटना (एबीएन) ठंड से बचाव के लिए जिला प्रशासन की ओर से अब तक पटना सदर फुलवारी शरीफ, दानापुर और अन्य सभी सर्किलों में पटना जंक्शन, पीएमसीएच, राजेंद्र नगर टर्मिनल, सगुना मोड़, खगौल स्टेशन, सचिवालय और अन्य कुल 107 चिह्नित स्थानों पर अलाव का आयोजन किया गया है। साथ ही गरीब और असहाय लोगों के लिए नए सचिवालय गेट नंबर 3 शेखपुरा मोड़, हड़ताली मोड़, मछली मार्केट आदि कुल 26 स्थानों पर नगर निगम के माध्यम से निर्मित स्थायी और अस्थायी रैन बसेरे का इंतजाम किया गया है। जिसमें अब तक 7 हजार 264 लोग शरण ले चुके हैं। साथ ही आज ही 509 लोगों ने शरण ली। साथ ही आम जनता से भी ठंड की स्थिति में आबादी प्रबंधन के माध्यम से जारी 'क्या करें क्या न करें' पर अमल करने की अपील की गई है। आपातकालीन स्थिति में जिला आपातकालीन केंद्र पटना, 0612-2210118, आपदा प्रबंधन विभाग के टोल फ्री नंबर 1070 या स्वास्थ्य विभाग के हेल्पलाइन 104 पर संपर्क किया जा सकता है। यह स्पष्ट है कि पूरे राज्य में ठंड का कहर जारी है। तापमान में लगातार गिरावट से ठंड ने कहर बरपा रखा है। पटना में भी ठंड की वजह से लोग परेशान हैं। कोहरे की वजह से आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पटना में गरीबों, असहाय लोगों को इस ठंड और ठंड के प्रकोप से बचाव के लिए प्रशासन ने विभिन्न चौराहों पर अलाव का इंतजाम किया है। जानकारी के अनुसार अब तक 107 स्थानों पर अलाव का आयोजन है। पटना के गांधी मैदान में प्रशिक्षण शिविर चलाने वाले संस्थानों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। इससे पहले, उनकी संख्या 60 तक पहुंच गई थी, और इसकी वजह से गांधी मैदान में काफी भीड़ लग गई थी, जिससे लोगों को काफी परेशानी हुई थी। इस संबंध में कई व्यक्तियों और संगठनों ने लिखित शिकायतें दर्ज कराई थीं। इसलिए सार्वजनिक हित में इन प्रशिक्षण शिविरों को दीघा घाट और कलेक्ट्रेट घाट पर स्थानांतरित किया गया है। कोचिंग संस्थान विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए इन घाटों पर छात्रों को शारीरिक प्रशिक्षण और शारीरिक अभ्यास भी प्रदान कर रहे हैं। पटना जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि गांधी मैदान, पटना में सुबह की सैर, शाम की सैर, व्यक्तिगत या निजी जागिंग आदि पर कोई प्रतिबंध नहीं है। गांधी मैदान सामान्य लोगों की सुविधा के लिए एक महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्थान है, और जिला प्रशासन नियमित रूप से इसकी सुंदरता और विकास के लिए कदम उठाता है।