बिहार में बर्ड फ्लू का आतंक, 4575 मुर्गियों को मारा गया, पटना का चिड़ियाघर बंद
Awaz E Bihar••397 व्यूज़•3 मिनट पढ़ें
पटना की पी सी कॉलोनी, कनकड़ बाग के चिड़ियाघर सेक्टर पार्क और पटना हाई कोर्ट परिसर में कौओं और मुर्गियों की अचानक मौत के बाद बर्ड फ्लू (एच 5 एन 1) की पुष्टि हुई है, जिसके बाद लोगों में दहशत फैल गई है। मौसम गर्म होते ही बीमारियों ने भी अपने पैर पसारने शुरू कर दिए हैं। ताजा मामला बिहार में सामने आया है जहां बर्ड फ्लू के फैलने की पुष्टि के बाद राज्य सरकार ने एडवाइजरी जारी की है। राज्य की राजधानी पटना की पी सी कॉलोनी, कनकड़ बाग के चिड़ियाघर सेक्टर पार्क और पटना हाई कोर्ट परिसर में कौओं और मुर्गियों की अचानक मौत के बाद बर्ड फ्लू (एच 5 एन 1) की पुष्टि हुई है। बर्ड फ्लू का संदेह होने के बाद नमूने जांच के लिए भोपाल भेजे गए थे। रिपोर्ट आने के बाद प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्र के एक किलोमीटर क्षेत्र को संक्रमण प्रभावित घोषित कर दिया। संक्रमण के फैलाव को रोकने के लिए लगभग 4,575 मुर्गियों को मारा गया है। वहीं, 9662 अंडे और 530 किलो दाना भी नष्ट कर दिया गया है। इसके अलावा पूरे क्षेत्र में जीवाणुरोधी दवा का छिड़काव किया जा रहा है। इस दौरान प्रशासन ने जनता से अपील की है कि वे सावधान रहें और अफवाहों से बचें। शहर में मृत कौओं और मुर्गियों में बर्ड फ्लू की पुष्टि होने के बाद पटना जू प्रशासन ने चिड़ियाघर से पानी, मिट्टी, रक्त और अन्य नमूनों को जांच के लिए भोपाल की लैब भेजा था। जिसके बाद अब रिपोर्ट आने तक चिड़ियाघर में विशेष सावधानी बरती जा रही है। पटना चिड़ियाघर में पक्षियों के बाड़े को साफ किया जा रहा है और डॉक्टरों की विशेष टीम पक्षियों की सेहत की लगातार निगरानी कर रही है। बर्ड फ्लू के कारण पटना के चिड़ियाघर को 7 मार्च तक बंद कर दिया गया है। स्पष्ट रहे कि मनुष्यों में बर्ड फ्लू संक्रमित पक्षियों के संपर्क में आने से फैलता है। यदि कोई व्यक्ति बीमार पक्षी को छूता है, उसके लार, नाक के बलगम या उनके मल के संपर्क में आता है तो वह बीमार हो सकता है। इसके साथ ही संक्रमित पक्षियों के पंखों के फड़फड़ाने या चीखने से वायरस के बारीक कण हवा में फैलते हैं, जो सांस के माध्यम से शरीर में प्रवेश कर सकते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार यदि कोई मानव बर्ड फ्लू से संक्रमित होता है तो उसे तेज बुखार, खांसी, गले में खराश, मांसपेशियों में दर्द और सांस लेने में कठिनाई जैसे लक्षण दिखाई देते हैं।