सुरक्षित प्रसव को बढ़ावा देने के लिए अभियान तेज : मंगल पांडे
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पटना। स्वास्थ्य मंत्री श्री मंगल पांडे ने कहा कि राज्य में हर माता और बच्चे के बेहतर स्वास्थ्य को सुनिश्चित करना हमारा संकल्प है। हर गर्भवती महिला को पूर्व प्रसव की मानक सेवाएं प्रदान करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इस उद्देश्य के लिए, प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (पीएमएसएमए) के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया जा रहा है। पीएमएसएमए के तहत, गर्भवती महिलाओं के लिए मासिक तीन विशिष्ट दिनों (प्रत्येक माह की 9, 15 और 21 तारीख) को पूर्ण और मानक पूर्व प्रसव जांच की जाती है। अब तक, राज्य के कुल 702 स्वास्थ्य संस्थानों में प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान चलाया जा रहा था। अब, इस मानक सेवा को राज्य भर में फैलाते हुए, 568 नए स्वास्थ्य केंद्रों (564 अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और 4 शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र) पर प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान शुरू किया गया है। इस प्रकार, प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान अब राज्य के कुल 1,270 स्वास्थ्य संस्थानों में लागू किया जा रहा है। इस अभियान को विस्तारित करने से उच्च जोखिम गर्भावस्था की पहचान और उनका समय पर उपचार सुनिश्चित किया जाएगा। यह कदम मातृ मृत्यु दर को कम करने में सहायक और प्रभावी साबित होगा। श्री पांडे ने बताया कि प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत 9 दिसंबर को राज्य भर में विशेष स्क्रीनिंग शिविरों का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। आगामी अभियान 15 और 21 दिसंबर को निर्धारित है। जिलों से लेकर उप-स्वास्थ्य केंद्रों और शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों तक गर्भवती महिलाओं की एक बड़ी संख्या ने इस अभियान में भाग लिया और वे निशुल्क स्क्रीनिंग और उपचार से लाभान्वित हो रही हैं। पीएमएसएमए के तहत, गर्भवती महिलाएं पूर्व प्रसव जांच प्राप्त कर रही हैं, जिसमें हीमोग्लोबिन, एचआईवी, यौन संचारित संक्रमण, उच्च रक्तचाप, और मूत्र परीक्षण शामिल हैं। विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपस्थिति में आशा कार्यकर्ताओं द्वारा नियमित रूप से फॉलो-अप के माध्यम से समय पर उपचार प्रदान करने, उच्च जोखिम गर्भावस्था की पहचान करने पर भी जोर दिया जा रहा है। श्री पांडे ने कहा कि राज्य में प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के विस्तार का सकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है, जो मातृ स्वास्थ्य में सुधार के रूप में प्रकट होता है। अभियान की सफलता को सुनिश्चित करने के लिए, जिला स्तर पर स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के प्रशिक्षण के माध्यम से क्षमता निर्माण की गई है ताकि वे अधिक प्रभावी ढंग से सेवाएं प्रदान कर सकें। सभी गर्भवती महिलाओं से अनुरोध किया जाता है कि वे 15 और 21 दिसंबर को अपने निकटतम स्वास्थ्य केंद्र का दौरा करें ताकि वे निशुल्क जांच का लाभ उठा सकें। सुरक्षित मातृत्व स्वस्थ समाज की आधारशिला है।