'अपराधियों को पूरा भरोसा है कि सरकार उनका कुछ नहीं बिगाड़ सकती', सदन में एनडीए सरकार पर जमकर बरसे तेजस्वी यादव
Awaz E Bihar••0 व्यूज़•4 मिनट पढ़ें
पटना : (एबीएन) विधानसभा में गुरुवार को विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने एनडीए सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि आप लोगों ने लोकतंत्र को डर के तंत्र में बदल दिया है। इस सरकार की नींद बेटियों की चीख से भी नहीं टूटती है। बिहार की हालत देखकर तो यही लगता है कि अपराधियों को पूरा यकीन हो गया है कि यह सरकार उनका कुछ नहीं बिगाड़ सकती है।
बिहार के अपराधियों के दिलों से डर निकल चुका है और सरकार से शर्म खत्म हो चुकी है। तेजस्वी यादव ने सदन में स्पीकर से कहा कि उनके पैर का नाखून उखड़ गया है, इसलिए वे अपनी बात बैठकर रखना चाहते हैं। विधानसभा स्पीकर ने बैठने की अनुमति दे दी। इसके बाद तेजस्वी यादव ने पटना के नेट घटना का उल्लेख किया। इसके अलावा उन्होंने अन्य जिलों के बारे में कहा कि मधेपुरा में एक महिला के साथ दुष्कर्म और हत्या की घटना सामने आई, खगड़िया में 4 साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म के बाद हत्या कर दी गई। मुजफ्फरपुर में महिला और 3 बच्चों को अगवा करने के बाद मौत के घाट उतार दिया गया। इसके साथ ही उन्होंने अन्य कई अपराधों का भी उल्लेख किया।
तेजस्वी यादव ने विधानसभा में कहा कि थाना खामोश है, प्रशासन बेहोश है और सरकार पूरी तरह से मदहोश है। जनता में इस सरकार के प्रति अफसोस और गम-गुस्सा है। बिहार सरकार कोल्ड स्टोरेज बन चुकी है, जो हर मामले को ठंडा करने में लगी रहती है। आरजेडी नेता ने सवाल किया कि बिहार जब इतनी तरक्की कर रहा है तो एक बात बता दें कि बिहार आखिर किस चीज में नंबर वन है? अन्य राज्यों के मुकाबले बिहार सबसे ज्यादा गरीब है। यहां सबसे ज्यादा बेरोजगारी है, शिक्षा और स्वास्थ्य के मामले में सबसे पीछे है। भ्रष्टाचार में सबसे आगे है, यहां अपराधियों का बोलबाला है। प्रति व्यक्ति आय सबसे कम है, किसान खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं, जिन गरीबों का वोट लिया उन्हें घरों को उजाड़ रहे हैं।
बिहार विधानसभा का बजट सत्र इस समय गरमागरम बहस में बढ़ गया जब विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने सत्तारूढ़ एनडीए सरकार पर कड़ा हमला किया। तेजस्वी यादव ने सरकार पर चुनावी खर्च और लोकतांत्रिक मूल्यों को लेकर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि एनडीए ने पिछले चुनाव में ग्रैंड अलायंस को रोकने के लिए जरूरत से ज्यादा वित्तीय शक्ति का इस्तेमाल किया।
विपक्ष के नेता ने आज विधानसभा में अपने भाषण की शुरुआत कविता के अंदाज में की और सरकार पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि बिहार विधानसभा चुनाव में जनता का विश्वास जीतने के बजाय एनडीए ने पैसे की ताकत का सहारा लिया।
उन्होंने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ एनडीए ने बिहार के चुनाव में हमें हराने के लिए लगभग 40,000 करोड़ रुपये खर्च किए। जांच होनी चाहिए कि यह पैसा किसका था और कहां से आया। तेजस्वी यादव ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि इतनी बड़ी रकम खर्च करने के बाद भी एनडीए को जनता के बीच संघर्ष करना पड़ा।
भ्रष्टाचार के आरोपों के साथ-साथ तेजस्वी यादव ने राज्य के कानून-व्यवस्था और लोकतांत्रिक ढांचे पर भी हमला किया। उन्होंने कहा कि बिहार में आज लोकतंत्र सुरक्षित नहीं है। उन्होंने कहा कि एनडीए सरकार ने लोकतंत्र को डर के राज में बदल दिया है। आज विपक्ष की आवाज को दबाया जा रहा है और आम लोगों को डराकर सरकार चलाई जा रही है। सत्तारूढ़ पार्टी की ओर इशारा करते हुए तेजस्वी यादव ने कहा कि वे समस्याओं की राजनीति करने के बजाय डराने-धमकाने की राजनीति कर रहे हैं, जो बिहार के भविष्य के लिए हानिकारक है।
तेजस्वी यादव के बयान के बाद सत्तारूढ़ पार्टी के विधायकों ने कड़ा विरोध किया। एनडीए नेताओं ने तेजस्वी के 40,000 करोड़ के दावे को बेबुनियाद और निराशा के साथ दिया गया बयान करार दिया। इस दौरान सदन में लंबे समय तक हंगामा देखा गया। तेजस्वी यादव ने जैसे ही अपनी बात खत्म की, उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा खड़े हुए और लालू यादव को चारा चोर कहते हुए जंगल राज के अपने दावे को दोहराया।