बेटियों की सुरक्षा के नाम पर विधानसभा से विपक्ष का वॉकआउट
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पटना, 10 फरवरी (एबीएन) बिहार विधानसभा की कार्यवाही के दौरान मंगलवार को दोपहर से पहले विपक्ष ने राज्य में कानून व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति और बेटियों की सुरक्षा के नाम पर सदन से वॉकआउट किया। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही आज प्रश्नकाल के दौरान विपक्षी सदस्यों ने तख्तियों पर लिखे संदेशों के साथ हंगामा करना शुरू कर दिया और "नीतीश कुमार जवाब दो" के नारे लगाने लगे। इस पर अध्यक्ष प्रेम कुमार ने कहा कि तख्तियों पर संदेश लिखकर सदन में आने की अनुमति नहीं है। उन्होंने कहा कि सदस्य शांत रहें और सदन के गरिमा के अनुसार प्रश्नकाल में अपनी बात रखें। अध्यक्ष श्री कुमार की अपील का विपक्षी सदस्यों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा और वे नारेबाजी करते हुए सदन के बीच में आ गए।
इसी दौरान संसदीय कार्य मंत्री विजय चौधरी ने कहा कि विपक्ष मुख्यमंत्री से जवाब मांग रहा है। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार के साथ उनकी पूरी मंत्रिपरिषद सदस्यों के प्रश्नों का जवाब देने के लिए तैयार है, बशर्ते प्रश्न नियमों और सदन के आदाब के अनुसार पूछे जाएं।
इसके बावजूद सदस्यों का हंगामा जारी रहा, जिस पर प्रेम कुमार ने अनुशासन बनाए रखने के लिए मार्शल को पोस्टर हटाने का निर्देश दिया। इसके बाद सभी विपक्षी सदस्य पहले तो अपनी सीटों पर बैठ गए, लेकिन इसके बाद फिर से उठकर सदन से बाहर चले गए।
विपक्ष ने राज्य में कानून व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति और बेटियों की सुरक्षा के नाम पर सदन से वॉकआउट किया। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही आज प्रश्नकाल के दौरान विपक्षी सदस्यों ने तख्तियों पर लिखे संदेशों के साथ हंगामा करना शुरू कर दिया और "नीतीश कुमार जवाब दो" के नारे लगाने लगे। इस पर अध्यक्ष प्रेम कुमार ने कहा कि तख्तियों पर संदेश लिखकर सदन में आने की अनुमति नहीं है। उन्होंने कहा कि सदस्य शांत रहें और सदन के गरिमा के अनुसार प्रश्नकाल में अपनी बात रखें। अध्यक्ष श्री कुमार की अपील का विपक्षी सदस्यों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा और वे नारेबाजी करते हुए सदन के बीच में आ गए।
कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी एमएलए ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, दोनों उपमुख्यमंत्री और कई मंत्री सदन में मौजूद थे। दरभंगा और पटना में एनईईटी के छात्रों के साथ कथित बलात्कार की घटनाओं पर विपक्ष सरकार से जवाब मांगती रही। हंगामे के बीच, विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार ने पोस्टरों को हटाने के लिए मार्शलों को बुलाया और सदन में अनुशासन बनाए रखने की अपील की। इसके बावजूद विपक्षी एमएलए वेल में रहे और बाद में वॉकआउट कर गए।
कांग्रेस के सदस्यों ने विधानसभा में जोरदार विरोध किया। वे चूड़ियों से सजी एक मूर्ति लेकर विधानसभा परिसर में प्रवेश किए और राज्य में कानून व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति पर सरकार की आलोचना की। विरोध करने वाले कांग्रेस एमएलए ने आरोप लगाया कि वे लगातार सरकार को स्थिति से अवगत करा रहे हैं और विधानसभा के अंदर प्रश्न उठा रहे हैं, लेकिन सरकार पर कोई प्रभाव नहीं पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि बिहार में एनईईटी के छात्र की हत्या जैसे कई गंभीर घटनाओं के बावजूद सरकार केवल इसके पर्दाफाश करने की कोशिश कर रही है।
कांग्रेस सदस्यों ने दावा किया कि राज्य सरकार अपराधों पर काबू पाने में पूरी तरह से विफल साबित हो रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक पीड़ितों को न्याय नहीं मिल जाता, उनका विरोध जारी रहेगा। अपने विरोध के प्रतीक के रूप में उन्होंने सरकार को चूड़ियां भेंट कीं।
मंत्री विजय चौधरी ने सदस्यों के वॉकआउट के बाद फिर से अध्यक्ष के सामने सरकार का रुख स्पष्ट किया और कहा कि सरकार गंभीर विषयों पर भी विपक्ष के प्रश्नों का जवाब देने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि विपक्षी साथी बिना कारण भ्रमित हैं। उन्होंने कहा कि अध्यक्ष के कहने पर एक बार सभी साथी अपनी सीटों पर बैठ गए थे और इसके बाद अचानक उठकर सदन से बाहर चले गए, जिससे पता चलता है कि उनके भीतर भ्रम की स्थिति है।
लोक जन शक्ति पार्टी की ओर से राम विलास की तरफ से बात करते हुए राजू तिवारी ने कहा, "आज एक ऐतिहासिक क्षण है। हमारे सदन के साथी नितिन नवीन दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बन गए हैं। एलजेपी राम विलास और बिहार के लोगों की ओर से, हम उन्हें बधाई देते हैं। उनके माध्यम से बिहार का नाम मजबूत हुआ है। हमने पीएम और गृह मंत्री मोदी पर भी विश्वास किया है।"
बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के स्वागत में संबोधन करते हुए उपमुख्यमंत्री सुमित कुमार ने कहा, "आज बिहार के लिए एक ऐतिहासिक दिन है। यह पहला मौका है जब नितिन नवीन राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद विधानसभा के सदन में आए हैं। भारतीय इतिहास में यह पहला मौका है