जिला स्तर पर उर्दू के प्रचार से संबंधित परियोजनाओं पर जल्द कार्रवाई करें: एसएम परवेज आलम
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पटना (प्रेस रिलीज) उर्दू निदेशालय, विभाग के सचिवालय, पटना के निदेशक कक्ष में आज राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक एस एम परवेज आलम, निदेशक, उर्दू निदेशालय, पटना की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में बिहार के सभी जिलों के प्रभारी अधिकारियों या उनकी अनुपस्थिति में अधिकृत उर्दू कर्मचारियों ने भाग लिया। निदेशक महोदय ने बिहार की दूसरी राजभाषा उर्दू के प्रचार और व्यावहारिक क्रियान्वयन से संबंधित तथा सेवानिवृत्त उर्दू कर्मचारियों के सेवानिवृत्ति भत्ते, विभागीय कार्यवाही, कानूनी मामलों से संबंधित कार्यों की समीक्षा की। सभी जिला उर्दू भाषा सेल के प्रभारी अधिकारियों और अधिकृत उर्दू कर्मचारियों ने उक्त कार्यों से संबंधित वांछित रिपोर्ट प्रस्तावित फॉर्म में उर्दू निदेशालय को प्रदान की। निदेशक महोदय ने उन्हें संबोधित करते हुए उर्दू के प्रचार से संबंधित कार्यों पर चर्चा की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। साथ ही सभी जिलों में सेवानिवृत्त उर्दू कर्मचारियों के पेंशन और सेवानिवृत्ति लाभ से संबंधित ताजा रिपोर्ट, विभागीय कार्यवाही और कानूनी मामलों से संबंधित रिपोर्ट का भी जायजा लिया। निदेशक महोदय ने सभी जिलों के प्रभारी अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे फरवरी तक वित्तीय वर्ष 2025-26 में जहां अभी तक उर्दू प्रचार सेमिनार और मुशायरा, उर्दू दान छात्र प्रोत्साहन प्रतियोगिता और उर्दू नामा का प्रकाशन का काम किया जा सकता है, वह जल्द से जल्द इस काम को कराएं, ताकि बिल आदि के भुगतान में परेशानियों का सामना न करना पड़े। निदेशक महोदय ने जिले के सभी उर्दू अधिकारियों और कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार के सभी कार्यक्रमों पर अत्यधिक पारदर्शिता और ईमानदारी के साथ कार्य करें। उन्होंने कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर बहुत ही गंभीर और उपयोगी बातें कहीं। उन्होंने कहा कि उर्दू प्रचार सेमिनार में जिले के बुद्धिजीवी उर्दू, प्रोफेसर, विभागाध्यक्ष और पत्रकारों को महत्व के साथ अपनी सभा का हिस्सा बनाएं। उन्हें विशेष अतिथि और मेहमान के रूप में आमंत्रित करें। उन्होंने कहा कि मुशायरे की महफिल के लिए अच्छे शायरों का चयन करें। श्री एस एम परवेज आलम ने कहा कि उर्दू दान छात्र प्रोत्साहन योजना के तहत वक्तृत्व प्रतियोगिता के लिए जज का पैनल तैयार करने या उनके चयन में इस बात का ध्यान रखें कि जिस कॉलेज, स्कूल या मदरसे के छात्र प्रतियोगिता में भाग लें वहां के शिक्षकों को इस सूची से अलग रखें। उन्होंने सभी प्रभारी अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे जिला मजिस्ट्रेट की अध्यक्षता और मार्गदर्शन में उर्दू कार्यक्रमों को आयोजित करें। जिला मजिस्ट्रेट, एसएसपी और डीडीसी जैसे वरिष्ठ अधिकारियों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए संभव भर कोशिश करें। उनकी उपस्थिति से कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न होता है। आभार प्रकट करते हुए बैठक समाप्त हुई। बैठक में ज्वाइंट सेक्रेटरी शशि भूषण शर्मा, अंडर सेक्रेटरी मनीष कुमार, राजभाषा अधिकारी (उर्दू) मोहम्मद अकबर अली सहित अन्य संबंधित कर्मचारी उपस्थित थे।