जेडीयू के वरिष्ठ नेता के सी त्यागी पार्टी से बर्खास्त!
Awaz E Bihar••0 व्यूज़•3 मिनट पढ़ें
जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के उच्च सूत्रों के अनुसार, वरिष्ठ नेता के सी त्यागी का अब पार्टी में बाब बंद हो चुका है। हाल के दिनों में त्यागी के कुछ बयानों और गतिविधियों को लेकर पार्टी के भीतर असंतुष्टता की खबरें सामने आई थीं। सूत्रों के अनुसार त्यागी ने पार्टी लाइन से हटकर रुख अपनाया था, जिसके बाद जेडीयू नेतृत्व ने उनसे दूरी बनाने का फैसला किया। पार्टी के प्रवक्ता राजीव रंजन के हालिया बयान से यह स्पष्ट हो गया है कि जेडीयू का अब के सी त्यागी के साथ कोई औपचारिक संबंध नहीं रह गया है। बताया जाता है कि के सी त्यागी ने हाल ही में बिहार के मुख्यमंत्री और जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार के लिए 'भारत रत्न' की मांग की थी। उन्होंने औपचारिक तौर पर पीएम मोदी को पत्र लिखकर यह मांग की थी। अपने पत्र में त्यागी ने लिखा था कि जिस तरह चौधरी चरण सिंह और कर्पूरी ठाकुर को पिछले साल भारत रत्न से सम्मानित किया गया था, उसी तरह नीतीश कुमार भी इसके हकदार हैं, लेकिन जेडीयू ने उनकी मांग से किनारा कर लिया। जेडीयू के प्रवक्ता राजीव रंजन ने कहा कि के सी त्यागी की इस मांग का पार्टी के आधिकारिक रुख से कोई लेना-देना नहीं है। दरअसल, वे जेडीयू के साथ हैं या नहीं, पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं को यह भी नहीं पता है। इसलिए उनके बयानों को उनकी व्यक्तिगत राय के रूप में देखा जाना चाहिए। सूत्रों का कहना है कि दोनों के बीच सौहार्दपूर्ण अलगाव हो चुका है। हालांकि, पार्टी नेतृत्व ने फिलहाल के सी त्यागी के खिलाफ कोई औपचारिक अनुशासनात्मक कार्रवाई न करने का फैसला किया है। इसकी वजह पार्टी के साथ उनकी लंबी और पुरानी जुड़ाव बताई जा रही है। जेडीयू के भीतर यह माना जा रहा है कि त्यागी ने लंबे समय तक पार्टी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, जिसे देखते हुए नेतृत्व कोई टकराव नहीं चाहता। पार्टी सूत्रों के अनुसार के सी त्यागी अब जेडीयू की नीतियों, फैसलों और आधिकारिक रुख का प्रतिनिधित्व नहीं करते हैं। भविष्य में पार्टी की ओर से जारी होने वाले बयानों और राजनीतिक रुख में उनकी कोई भूमिका नहीं होगी। जेडीयू नेतृत्व ने इस मामले पर फिलहाल संतुलित रुख अपनाते हुए संकेत दिया है कि यह अलगाव पूरी तरह से शांतिपूर्ण और आपसी सहमति से हुआ है। वहीं, जेडीयू के भीतर इसे एक युग के अंत के रूप में देखा जा रहा है, हालांकि पार्टी नेतृत्व भविष्य की रणनीति और संगठनात्मक मजबूती पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। गौरतलब है कि के सी त्यागी ने हाल ही में बांग्लादेश के क्रिकेटर मुस्तफिजुर रहमान के समर्थन में बयान दिया था, जो जेडीयू नेतृत्व को नागवार गुजरा था। उन्होंने कहा था कि खेल में राजनीति नहीं लानी चाहिए, जब बांग्लादेश ने हिंदू क्रिकेटर लिटन दास को अपनी टीम का कप्तान नियुक्त किया है तो भारत को भी अपने फैसले पर पुनर्विचार करना चाहिए और उन्हें आईपीएल में खेलने की अनुमति देनी चाहिए।