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ख्वाजा गरीब नवाज़ अमल सलेहा के लिए वादा قرआनी की जीवंत मिसाल हैं। मुनعمी
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ख्वाजा गरीब नवाज़ अमल सलेहा के लिए वादा قرआनी की जीवंत मिसाल हैं। मुनعمी

Awaz E Bihar•27 दिसंबर 2025 को 03:06 pm बजे•0 व्यूज़•2 मिनट पढ़ें

खानगाह मुनेमिया में उर्स-ए-ख्वाजा गरीब नवाज का सूफी समारोह
पटना, 27 दिसंबर ख्वाजा गरीब नवाज सैयदना मोइनुद्दीन हसन संजारी चिश्ती अजमेरी, इस उपमहाद्वीप की सबसे लोकप्रिय शख्सियत का नाम है। उनकी बारगाह जाहिरी और बातिनी दोनों ही मामलों में तेजी से प्रभाव डालने वाली है। उन्होंने जिस सुनहरे सिलसिले की शुरुआत की, उसके परिणामस्वरूप ख्वाजा कुतुब, बाबा फरीद और निजामुद्दीन औलिया, साबिर किलेरी, अहमद अब्दुल हक रदोलवी, चिराग दिल्ली, सैयद मुहम्मद गेसुदराज जैसी महान शख्सियतें पैदा हुईं। उनका तरीका प्रचार और दावत, एहसान और इरफान सभी के लिए सफल साबित हुआ। उनकी आकर्षण का हर कोई शैदाई है।
इस अवसर पर खानगाह मुनेमिया के सज्जादानशीन हजरत सैयद शाह शमीमुद्दीन अहमद मुनेमी ने संबोधन करते हुए आगे कहा कि ख्वाजा गरीब नवाज, अच्छे कार्यों के परिणामस्वरूप कुरआन के वादे की जीती जागتی मिसाल हैं। बिहार भी चिश्ती सिलसिले के पहले शैदाओं में से एक है। यहां उनका चिश्ती सिलसिला खूब फैला। शेख खिज्रपारा दोज, हजरत मखदूम आदम सूफी (पक्की दरगाह), हजरत मखदूम सिस्तानी, हजरत शेख तैमुल्लाह सफेदबाज, शेख शम्सुद्दीन समन अरोली (अरोल), हजरत सूफी जियाउद्दीन (चंधोस), हजरत फरीदुद्दीन तवीला बख्श और मखदूम यासीन दानापुरी बिहार के सबसे पुराने चिश्ती बड़गों में नामवर हैं। अरोल जिले के केन्दुई में ख्वाजा साहब की औलाद की खानगाह भी एक समय तक आबाद रही। खानगाह मुनेमिया कुमरिया मीतन घाट में भी हजरत मखदूम मुनेम पाक और अन्य वसीलों से चिश्ती सिलसिले का फजीलाना खूब पहुंचा है। सिलसिला-ए-अबुल अलाई के संस्थापक हजरत सैयदना अमीर अबुल अला अहरारी भी ख्वाजा गरीब नवाज से बिना वसीले फजीलाब और मुजाज़ और खलीफा हैं। यही वजह है कि सिलसिला-ए-मुनेमिया में चिश्ती सिलसिले का फजीलाना प्रभावी है।
इस अवसर पर खानगाह मुनेमिया में मगरिब की नमाज के बाद कुरआन की तिलावत, नात और मनकबत का सिलसिला जारी हुआ। इसके बाद हजरत ख्वाजा गरीब नवाज कदस सरह के अशआर और उनकी शिक्षाओं पर संबोधन से उपस्थित लोग फजीलाब हुए। फिर कुल शरीफ और फातिहा के बाद समा की महफिल जमी और अशना की अजान के बाद दुआ और लंगर के वितरण के साथ यह महफिल संपन्न हुई।
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