मुजफ्फरपुर: जिला कृषि अधिकारी 19 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार
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मुजफ्फरपुर, 03 जनवरी (एबीएन) मुजफ्फरपुर जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए विजिलेंस इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (वीआईबी) ने शनिवार को जिला कृषि अधिकारी (डीएओ) सुधीर कुमार को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। ब्यूरो ने आज यह कार्रवाई चर्च रोड स्थित उनके निजी निवास पर انجام दी। निगरानी टीम ने उन्हें 19 हजार रुपये रिश्वत लेते समय पकड़ लिया। गिरफ्तारी के बाद पूरे कृषि विभाग में खलबली मच गई है। सूत्रों के अनुसार सुधीर कुमार पर कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारी संतोष कुमार से सेवा में विस्तार और पुनः ज्वाइनिंग के बदले में कुल 2 लाख रुपये रिश्वत मांगने का गंभीर आरोप है। संतोष कुमार ने बताया कि अधिकारी की ओर से लगातार दबाव बनाया जा रहा था और काम न करने की धमकी दी जा रही थी। मजबूरी के तहत उन्होंने रिश्वत की पहली किश्त के रूप में 1 लाख 81 हजार रुपये 5 दिसंबर 2025 को उन्हें दे दिए थे। पीड़ित संतोष के अनुसार इतनी बड़ी राशि मिलने के बावजूद डीएओ सुधीर कुमार संतुष्ट नहीं हुए और शेष 19 हजार रुपये के लिए दबाव बनाते रहे। परेशान होकर संतोष कुमार ने 11 दिसंबर 2025 को पटना स्थित निगरानी विभाग में इस संबंध में लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के बाद विजिलेंस इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो ने मामले की पुष्टि की, जिसमें आरोप सही पाए गए। इसके बाद एक विशेष टीम गठित की गई और आरोपी अधिकारी को रंगे हाथों पकड़ने की योजना बनाई गई। तय योजना के अनुसार शनिवार को जब संतोष कुमार रिश्वत की बाकी राशि लेकर सुधीर कुमार के निजी निवास पर पहुंचे, उसी समय पहले से तैनात निगरानी टीम ने छापा मार कार्रवाई कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया। निगरानी विभाग के पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) मिथिलेश कुमार ने बताया कि आरोपी अधिकारी को रिश्वत की राशि के साथ गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने कहा कि गिरफ्तारी के बाद अधिकारी के आवास की तलाशी भी ली जा रही है, ताकि आय से अधिक संपत्ति से संबंधित दस्तावेज और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य का पता लगाया जा सके। प्रारंभिक जांच में कई बिंदुओं पर संदेह व्यक्त किया गया है। डीएसपी ने यह भी बताया कि गिरफ्तारी के बाद आरोपी को पटना ले जाया गया है, जहां उन्हें विशेष निगरानी अदालत में पेश किया जाएगा। आगे की कार्रवाई अदालत के निर्देश के अनुसार की जाएगी। उल्लेखनीय है कि सुधीर कुमार के पास जिला कृषि अधिकारी के पद के साथ-साथ परियोजना निदेशक (आत्मा) और सहायक निदेशक (फसल), त्रेहत प्रभाग का अतिरिक्त चार्ज भी था। ऐसे में उनकी गिरफ्तारी से कृषि विभाग की कार्यक्षमता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। इस कार्रवाई से आम लोगों और कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों में यह उम्मीद जगी है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कदम उठाए जा सकते हैं।