नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के फैसले के खिलाफ जेडीयू कार्यकर्ताओं का विरोध प्रदर्शन
Awaz E Bihar••17 व्यूज़•3 मिनट पढ़ें
पटना, ५ मार्च (एबीएन) मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को राज्यसभा का उम्मीदवार बनाए जाने की खबर के बाद जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को मुख्यमंत्री के आवास के बाहर इकट्ठा होकर इस फैसले का विरोध किया। राज्यसभा का उम्मीदवार बनाए जाने की खबर मिलते ही जेडीयू के कार्यकर्ता आज सुबह मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के आवास पर पहुंचने लगे। उन्होंने घोषणा की कि नीतीश कुमार का संबंध बिहार से है और हम उन्हें कहीं नहीं जाने देंगे। नीतीश कुमार के आवास के बाहर पार्टी कार्यकर्ताओं को रोते हुए देखा गया। कार्यकर्ताओं ने जेडीयू के कार्यालय को हल्की क्षति पहुंचाई और व्यवधान भी डाला। बाद में कार्यकर्ताओं के गुस्से के कारण जेडीयू के कार्यालय का दरवाजा बंद कर दिया गया। जेडीयू के कुछ कार्यकर्ताओं के चेहरों पर चिंता स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही थी, जो इस प्रगति पर उनकी उदासी और बेचैनी को दर्शाती है। कई समर्थकों ने कहा कि उन्होंने हमेशा अपने नेता नीतीश कुमार को बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में देखा है और ऐसा ही देखना चाहते हैं। कार्यकर्ताओं को विश्वास नहीं है कि नीतीश कुमार मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देकर राज्यसभा जाएंगे। हालांकि, अब जब नीतीश कुमार ने यह फैसला किया है, जेडीयू दो धड़ों में बंटी हुई दिखाई दे रही है। जेडीयू के कार्यकर्ताओं का कहना है कि वे नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री बनाने के लिए घर-घर जाकर वोट मांगेंगे, और अगर वे मुख्यमंत्री नहीं बनते हैं तो बिहार के लोग किस पर भरोसा करेंगे। उन्होंने कहा कि उनकी मांग है कि नीतीश कुमार के बेटे निशांत को राज्यसभा में भेजा जाए और २०२५ के मैनडेट को ध्यान में रखते हुए नीतीश कुमार मुख्यमंत्री बने रहें। एक कार्यकर्ता ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को राज्यसभा भेजना एक साजिश है और उनके पद और कद को आहत किया जा रहा है। राज्यसभा की सीट नीतीश कुमार के लिए कोई महत्व नहीं रखती है। उन्होंने आगे कहा कि नीतीश कुमार ने लगातार अपने नेताओं को राज्यसभा में भेजा है। उन्होंने आगे कहा कि नीतीश कुमार का अपने पद से इस्तीफा २०२५ के मैनडेट से गद्दारी है। उन्होंने आगे कहा कि नीतीश कुमार को राज्यसभा भेजने के बारे में अचानक चर्चा अन्यायपूर्ण है और फैसला सवालों के घेरे में है। उन्होंने कहा कि जब तक नीतीश कुमार हैं, किसी अन्य विकल्प की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि जेडीयू के भीतर कुछ वरिष्ठ नेता भाजपा के कहने पर काम कर रहे हैं और धीरे-धीरे नीतीश कुमार को साइडलाइन करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जेडीयू के कुछ नेता अत्यधिक आत्मविश्वास में फंस गए हैं, इसलिए नीतीश कुमार को हटाने की साजिश की जा रही है। हालांकि, जमीन पर काम करने वाले कार्यकर्ताओं और समर्थकों के लिए यह स्वीकार्य नहीं है।