पटना, 03 फरवरी (एबीएन) वित्त मंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव ने मंगलवार को वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 3,47,589.76 करोड़ रुपये का राज्य बजट विधानसभा में पेश किया, जिसमें शिक्षा, स्वास्थ्य और ग्रामीण विकास के क्षेत्रों को प्राथमिकता दी गई है। श्री यादव ने सदन में बजट पेश करते हुए कहा कि 3,47,589.76 करोड़ रुपये का यह बजट पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के बजट की तुलना में 30,694.74 करोड़ रुपये अधिक है। पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष बजट में 9.68 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। उन्होंने कहा कि आगामी वित्त वर्ष के बजट में शिक्षा, स्वास्थ्य और ग्रामीण विकास के क्षेत्रों को विशेष प्राथमिकता दी गई है। वित्त मंत्री ने कहा कि बजट का मुख्य उद्देश्य "सात निश्चय-3" के तहत वर्ष 2025 से 2030 की अवधि के लिए निर्धारित सभी लक्ष्यों को प्राप्त करना और बिहार को देश के विकसित राज्यों की श्रेणी में शामिल करना है। उन्होंने यह भी कहा कि वित्त वर्ष 2025-26 में बिहार की विकास दर 14.9 प्रतिशत रहने की उम्मीद है। बजट का उद्देश्य आगामी पांच वर्षों में एक करोड़ युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करना है, जिसके लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
वित्त मंत्री ने बजट पेश करने के बाद पत्रकारों से बातचीत में कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य और ग्रामीण विकास के क्षेत्रों को पर्याप्त मात्रा में फंड आवंटित किए गए हैं। शिक्षा विभाग को 60,204.61 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जो कुल बजट का 17.32 प्रतिशत है। वहीं, ग्रामीण विकास विभाग को 23,701.18 करोड़ रुपये दिए गए हैं, जो कुल बजट का 6.82 प्रतिशत है। इसी तरह, स्वास्थ्य विभाग को 21,270.41 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जो कुल बजट का 6.12 प्रतिशत है।
विधानसभा में पेश किए गए बजट के अनुसार, वित्त वर्ष 2026-27 के लिए स्थापना और समिति व्यय का अनुमान 2,25,434 करोड़ रुपये लगाया गया है, जो वित्त वर्ष 2025-26 के 2,00,135.429 करोड़ रुपये के बजट अनुमान से 25,298.92 करोड़ रुपये अधिक है। वित्त वर्ष 2026-27 के व्यय में उच्च शिक्षा विभाग को 8,012.34 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जो कुल बजट का 2.31 प्रतिशत है। इसके अलावा, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अल्पसंख्यक, अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) और अत्यंत पिछड़ा वर्ग (ईबीसी) के कल्याण के लिए वित्त वर्ष 2026-27 में 13,202.38 करोड़ रुपये की राशि का प्रबंध किया गया है।
वित्त मंत्री ने बताया कि बिहार में चालू वित्त वर्ष 2025-26 का बजट 3.17 लाख करोड़ रुपये था। मंत्री ने कहा कि बिहार को विकसित राज्यों की सूची में लाने का लक्ष्य है। वित्त मंत्री ने कहा कि 94 लाख गरीब परिवारों को बेहतर बनाने का लक्ष्य है। पिछले वर्ष 3.17 लाख करोड़ रुपये का वार्षिक बजट पेश करने के बाद नीतीश सरकार ने जुलाई में 57941 करोड़ रुपये का पहला पूरक बजट और दिसंबर में 91717 करोड़ रुपये का दूसरा पूरक बजट भी पेश किया था।
बिहार में हवाई सेवाओं पर तेजी से काम चल रहा है। पटना, गया, दरभंगा और पूर्णिया के बाद अब अन्य शहरों में भी हवाई सेवाएं शुरू करने की तैयारी चल रही है। मुजफ्फरपुर, सहरसा, भागलपुर, वीरपुर, मुंगेर, मोतिहारी, छपरा, मधुबनी और वाल्मीकिनगर हवाई अड्डों से छोटे विमान शुरू करने का प्रस्ताव है। इसके अलावा बेगूसराय और गोपालगंज में पुराने हवाई अड्डे को फिर से शुरू करने का प्रस्ताव है, जिसका काम चालू हो गया है। बिहार विधानसभा में पेश हुए बजट में इसका उल्लेख किया गया है। सरकार राज्य में दो नए ग्रीनफील्ड हवाई अड्डे भी बना रही है।
बिहार में हवाई सेवाओं को बेहतर करने के लिए कुछ महीने पहले ही अलग से नागरिक उड्डयन विभाग का गठन किया गया था। बिहार के बजट 2026 में राज्य के विभिन्न हवाई अड्डों पर चल रही परियोजनाओं का उल्लेख किया गया है। नीतीश सरकार का कहना है कि बेगूसराय में स्थित अलाउ हवाई अड्डा और गोपालगंज के सबिया सैन्य हवाई अड्डे को चालू करने के लिए पहले ही मंजूरी दी जा चुकी है। इसके लिए 81 लाख रुपये का बजट जारी किया गया है।
सरकार बिहार में नए ग्रीनफील्ड हवाई अड्डे बनाने जा रही है। भागलपुर जिले के सुल्तानगंज में ग्रीनफील्ड हवाई अड्डे का निर्माण किया जा रहा है। इसके लिए 931 एकड़ जमीन कब्जे में ली गई है, जिसके लिए 472 करोड़ रुपये की राशि देनी होगी।
इसके अलावा, सारण जिले के सोनपुर में भी ग्रीनफील्ड हवाई अड्डा बनाया जाएगा, जिससे पटना, हाजीपुर, छपरा जैसे शहरों के लोगों को भी फायदा होगा। सोनपुर ग्रीनफील्ड हवाई अड्डे के लिए जमीन कब्जे के लिए 1302 करोड़ रुपये की मंजूरी कराई जा रही है। नालंदा जिले के