पटना : (एबीएन) राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की महत्वपूर्ण बैठक में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने सर्वसम्मति से तेजस्वी यादव को कार्यकारी अध्यक्ष चुन लिया। इस निर्णय को पार्टी के भविष्य की रणनीति और संगठनात्मक स्थिरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
आरजेडी के महासचिव भोला यादव ने तेजस्वी यादव को कार्यकारी अध्यक्ष बनाने का प्रस्ताव रखा, जिसे राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सभी सदस्यों ने समर्थन किया। इस बैठक की अध्यक्षता पार्टी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने की। बैठक में राबड़ी देवी, मीसा भारती, संजय यादव सहित पार्टी के कई महत्वपूर्ण नेता और अधिकारी शामिल हुए। राष्ट्रीय कार्यकारिणी के 50 सदस्यों के अलावा विशेष आमंत्रित व्यक्तियों को मिलाकर 200 से अधिक लोग इस बैठक में मौजूद थे। देश के 20 से अधिक राज्यों से पार्टी के अध्यक्ष, सांसद, विधायक और विधान परिषद के सदस्य भी पटना पहुंचे थे।
बैठक से पहले पार्टी नेताओं ने मीडिया से बातचीत में स्पष्ट किया था कि अगर तेजस्वी यादव को कार्यकारी अध्यक्ष बनाने का प्रस्ताव सामने आता है तो इसका पूरा समर्थन किया जाएगा। नेताओं का कहना था कि तेजस्वी पहले से ही व्यावहारिक रूप से पार्टी का नेतृत्व कर रहे हैं, इसलिए उन्हें औपचारिक रूप से यह जिम्मेदारी सौंपना एक स्वाभाविक कदम है।
बैठक में संगठन को और मजबूत बनाने, कार्यकर्ताओं की गतिविधियों में वृद्धि करने और हाल के चुनावों में पार्टी के प्रदर्शन की विस्तृत समीक्षा करने पर भी विचार किया गया। नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि चुनावी हार के कारणों का निष्पक्ष विश्लेषण करके भविष्य के लिए स्पष्ट रणनीति तैयार की जाएगी।
पार्टी के प्रवक्ता चित्रंजन गगन और पूर्व विधायक मुकेश रोशन ने भी तेजस्वी यादव के चयन का स्वागत करते हुए कहा कि युवा नेतृत्व पार्टी को नई दिशा दे सकता है। कुछ नेताओं ने कहा कि संगठनात्मक ढांचे में सुधार, जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं से संपर्क और जन समस्याओं पर मजबूत रुख ही पार्टी की आगामी सफलता का आधार होगा।
सभी कयासों और内部 मतभेदों की खबरों के बावजूद, तेजस्वी यादव बैठक में अपने करीबी साथी संजय यादव के साथ शामिल हुए और नेतृत्व संभालने के बाद पार्टी को एकजुट रखने का संदेश दिया। पार्टी हलकों में इस निर्णय को आरजेडी के लिए एक नए युग की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है।
इस बीच तेजस्वी यादव के कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त होने के बाद लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक तीखी टिप्पणी की। उन्होंने लिखा, "एक तरह से यह राजनीति में शीर्ष आदमी के गौरवशाली करियर का अंत है। चापलूसों और 'द्रंडग्रुप' को उनके 'कठपुतली शहजादे' की ताजपोशी पर बधाई।"
रोहिणी आचार्य ने कहा कि केवल एक वास्तविक लालूवादी, जिसने लालू प्रसाद यादव द्वारा स्थापित पार्टी के लिए निस्वार्थ संघर्ष किया है ताकि पिछड़े और वंचित आबादी के हितों की रक्षा के लिए पार्टी की वर्तमान स्थिति के लिए जिम्मेदार लोगों से सवाल किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि लालू की राजनीतिक विरासत और सामाजिक और आर्थिक न्याय के सिद्धांत को आगे बढ़ाने के संबंध में लोग परिणामों की परवाह किए बिना अपनी आवाज उठाएंगे।
आरजेडी के इस निर्णय से बिहार की राजनीति में हलचल मच गई है। आने वाले दिनों में इस निर्णय के राजनीतिक अर्थ और चुनावी प्रभाव के संबंध में चर्चाएं तेज होने की संभावना है।