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सरकार निवेशकों और स्वरोजगार करने वाले व्यक्तियों को प्रोत्साहित कर रही है: नीतीश कुमार
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सरकार निवेशकों और स्वरोजगार करने वाले व्यक्तियों को प्रोत्साहित कर रही है: नीतीश कुमार

Awaz E Bihar•17 मार्च 2026 को 06:15 pm बजे•4 व्यूज़•4 मिनट पढ़ें

भागलपुर, 17 मार्च (यूएनआई) बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मंगलवार को कहा कि राज्य सरकार बिहार में उद्योग लगाने और स्व-रोजगार शुरू करने वाले व्यक्तियों को विभिन्न प्रकार की सुविधाएं और सुविधाएं प्रदान करके उनका उत्साह बढ़ा रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार का मूल उद्देश्य लोगों के जीवन को बेहतर बनाना और उन्हें सम्मानजनक रोजगार के अवसर प्रदान करना है। अपनी 'समृद्धि यात्रा' के दौरान भागलपुर के जगदीशपुर ब्लॉक में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए, मुख्यमंत्री ने निम्नलिखित मुद्दों पर चर्चा की: मुख्यमंत्री ने घोषित परियोजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति पर संतुष्टि व्यक्त की और उनके शीघ्र पूरा करने का निर्देश दिया। भागलपुर के डीएम डॉ. नील कमल चौधरी ने एक प्रस्तुति के माध्यम से जिले में चल रही विकास परियोजनाओं का विवरण प्रस्तुत किया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि जिन योजनाओं को स्वीकृति दी जा चुकी है, उन पर काम की गति तेज की जाए। 'सात निश्चय-2' के परियोजनाओं को पारदर्शिता के साथ पूरा किया जाए और 'सात निश्चय-3' के तहत तय किए गए लक्ष्यों पर काम का तुरंत आरंभ किया जाए। सरकार का उद्देश्य हर नागरिक को सम्मान देना और उनके दैनिक जीवन को आसान बनाना है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि औद्योगिक विकास और स्व-रोजगार के माध्यम से ही बिहार को एक आत्मनिर्भर राज्य बनाया जा सकता है और इस मार्ग में आने वाली सभी बाधाओं को दूर किया जाएगा। आप सभी जानते हैं कि बिहार में 24 नवंबर 2005 को पहली बार बिहार में एनडीए की सरकार बनी थी, उस समय से राज्य में कानून का शासन स्थापित है और हम लगातार विकास कार्यों में लगे हुए हैं। 2005 से पहले बिहार की बहुत खराब स्थिति थी। लोग शाम के बाद घरों से बाहर नहीं निकलते थे। समाज में बहुत संघर्ष होता था, शिक्षा की स्थिति दयनीय थी। हिंदू-मुस्लिम के बीच अक्सर संघर्ष होता था, शिक्षा की स्थिति बहुत खराब थी, बहुत कम बच्चे पढ़ते थे। पहले इलाज का भी पूरा प्रबंध नहीं था। सड़कें खस्ताहाल थीं। बिजली की आपूर्ति बहुत कम जगहों पर थी। अब किसी भी प्रकार के डर और आतंक का कोई माहौल नहीं है। राज्य में प्रेम, भाईचारा और शांति का माहौल है। पहले कितना हिंदू-मुस्लिम संघर्ष होता था, इसलिए वर्ष 2006 से, कब्रिस्तानों की घेराबंदी शुरू की गई है। बड़े पैमाने पर कब्रिस्तानों की घेराबंदी की जा चुकी है। अब कोई संघर्ष नहीं होता है। वर्ष 2016 से, 60 वर्ष पुराने हिंदू मंदिरों की भी घेराबंदी का काम शुरू किया गया, जिससे चोरी आदि की घटनाएं नहीं होती हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम लोगों ने शिक्षा के क्षेत्र में विशेष ध्यान दिया गया है। हम लोगों ने कॉन्ट्रैक्ट शिक्षकों की बहाली की, बड़ी संख्या में नए स्कूल खोले और सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों के लिए साइकिल और वस्त्र योजना चलाई गई। वर्ष 2023 से, बिहार पब्लिक सर्विस कमीशन के माध्यम से 2 लाख 58 हजार सरकारी शिक्षकों की बहाली की गई। 2006 से 3 लाख 68 हजार कॉन्ट्रैक्ट शिक्षक बहाल किए गए थे, जिनमें से बिहार पब्लिक सर्विस कमीशन के माध्यम से 28 हजार 976 सरकारी शिक्षक बन चुके हैं। इसके बाद, सरकार ने फैसला किया कि कॉन्ट्रैक्ट शिक्षकों को बीपीएससी की परीक्षा देने की जरूरत नहीं है, उन्हें साधारण परीक्षा लेकर सरकारी शिक्षक बनाया जाएगा। इसके लिए उन्हें पांच मौके देने का फैसला किया गया। अब तक चार परीक्षाएं हो चुकी हैं, और 2 लाख 66 हजार कॉन्ट्रैक्ट टीचर पास हो चुके हैं। अब केवल 73 हजार बाकी बचे हैं जिन्हें एक और मौका दिया जाएगा। सरकारी शिक्षकों की कुल संख्या अब 5 लाख 24 हजार हो गई है। इसके अलावा बीपीएससी के माध्यम से और 45 हजार नए पदों पर बहाली शुरू की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले, स्वास्थ्य की स्थिति बहुत खराब थी, केवल 39 मरीज प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में हर महीने इलाज के लिए आते थे, अर्थात प्रतिदिन एक या दो मरीज। 2006 से, अस्पतालों में मुफ्त दवाएं और इलाज का पूरा प्रबंध किया गया है। अब हर महीने औसतन 11 हजार 600 मरीज प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में आते हैं। पहले, बिहार में केवल 6 मेडिकल कॉलेज थे, जिनकी संख्या अब 12 हो गई है। इस वर्ष और 6 मेडिकल कॉलेज बन जाएंगे और बाकी सभी 21 जिलों में नए मेडिकल कॉलेज का निर्माण जल्द पूरा किया जाएगा। पटना मेडिकल कॉलेज और अस्पताल को 5 हजार 400 बेड और अन्य पांच पुराने मेडिकल कॉलेजों को ढाई हजार बेड का बनाया जा रहा है। साथ ही आईजीआईएमएस को 3 हजार बेड का बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य में सड़कों और पुलों का निर्माण कराया गया है। राज्य के दूर-दराज क्षेत्रों से 6 घंट
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