सात निश्चय-3 के तहत डेयरी क्षेत्र को बढ़ावा दिया गया: हर गांव में दूध उत्पादन समितियां बनाई जाएंगी, सभी पंचायतों में सुधा सेंटर खुलेंगे
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पटना, 7 फरवरी (एबीएन)। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्य में डेयरी उद्योग को मजबूत बनाने के लिए एक व्यापक पहल की घोषणा की है 'सात निश्चय-3, कृषि में विकास - राज्य में समृद्धि' के तीसरे संकल्प के तहत इस पहल के तहत राज्य के हर गांव में दूध उत्पादन समिति स्थापित करने का निर्णय लिया गया है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि पशुपालक किसानों को उनके दूध का उचित मूल्य मिले और उनकी आय में वृद्धि हो। राज्य के कुल 39,073 गांवों में से 25,593 गांवों में डेयरी उत्पादन समितियां बनाई गई हैं। मत्स्य पालन संसाधन विभाग को निर्देश दिया गया है कि वे आगामी दो वर्षों के भीतर शेष सभी गांवों में समितियां गठित करें। सरकार का मत है कि इस कदम से न केवल पशुपालक किसानों की आय में वृद्धि होगी, बल्कि राज्य में दूध का उत्पादन और उपलब्धता में भी काफी वृद्धि होगी। इस संबंध में, 'सात निश्चय-2 के तहत राज्य के सभी प्रखंडों में सुधा दूध की दुकानें स्थापित की गई हैं। अब, 'सात निश्चय-3 के तहत सभी पंचायतों में भी सुधा दूध की दुकानें खोलने का निर्णय लिया गया है। वर्तमान में सुधा आउटलेट राज्य की 8,053 पंचायतों में से 100 में कार्य कर रहे हैं। शेष 7,953 पंचायतों को 2026-27 वित्तीय वर्ष के अंत तक सुधा दूध की दुकानें स्थापित करने का निर्देश दिया गया है। सरकार ने यह भी निर्णय लिया है कि पंचायतों में खोले गए नए सुधा दूध की दुकानें प्राथमिकता के आधार पर जीविका दीदियों को दी जाएंगी जो मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना से लाभान्वित हो रही हैं। इससे न केवल ग्रामीण क्षेत्रों में महिला उद्यमिता को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्वरोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि डेयरी व्यवसाय को विस्तारित करने से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और लोगों की आय में वृद्धि होगी। इसके अलावा दूध और दूध उत्पादों की उपलब्धता को सुनिश्चित करने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और राज्य के लोगों के जीवन में समृद्धि आएगी।