मंगलवार, 13 अक्टूबर 2026
اردوहिन्दीEnglish
आवाज़ ए बिहार

आवाज़ ए बिहार

ई-पेपर
टॉप स्टोरीज़राष्ट्रीयराजनीतिखेलबिहारराष्ट्रीयराजनीतिखेललेखविश्व समाचारऔर
  • टॉप स्टोरीज़
  • राष्ट्रीय
  • राजनीति
  • खेल
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • राजनीति
  • खेल
  • लेख
  • विश्व समाचार
  • टॉप
  • राष्ट्रीय
  • राजनीति
  • खेल
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • राजनीति
  • खेल
  • लेख
आवाज़ ए बिहार
  • होम
  • राष्ट्रीय
  • राजनीति
  • खेल
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • राजनीति
  • खेल
  • लेख
  • विश्व समाचार
  • ई-पेपर
  • हमारे बारे में
  • संपर्क करें
  • गोपनीयता नीति
  • नियम और शर्तें
اردوहिन्दीEnglish

आवाज़ ए बिहार

बिहार की आवाज़ — उर्दू, हिंदी और अंग्रेज़ी में ताज़ा खबरें

श्रेणियाँ

  • स्थानीय
  • राष्ट्रीय
  • राजनीति
  • व्यापार
  • प्रौद्योगिकी
  • खेल
  • स्वास्थ्य
  • शिक्षा

त्वरित लिंक

  • होम
  • ई-पेपर
  • हमारे बारे में
  • संपर्क करें
  • गोपनीयता नीति
  • नियम और शर्तें

न्यूजरूम

  • संपादकीय नीति
  • सुधार और शिकायतें
  • विज्ञापन
  • न्यूजरूम संपर्क

भाषाएँ

  • اردو (Urdu)
  • हिन्दी (Hindi)
  • English

हमें फॉलो करें

सदस्यता लें

Email: awazebihar@gmail.com|Phone: +91-9473486854

© 2026 Awaz E Bihar Publications. सर्वाधिकार सुरक्षित

Designed and Developed byZeloiteZeloite
सात निश्चय-3 के तहत डेयरी क्षेत्र को बढ़ावा दिया गया: हर गांव में दूध उत्पादन समितियां बनाई जाएंगी, सभी पंचायतों में सुधा सेंटर खुलेंगे
  1. होम
  2. बिहार
बिहार

सात निश्चय-3 के तहत डेयरी क्षेत्र को बढ़ावा दिया गया: हर गांव में दूध उत्पादन समितियां बनाई जाएंगी, सभी पंचायतों में सुधा सेंटर खुलेंगे

Awaz E Bihar•7 फ़रवरी 2026 को 01:52 pm बजे•0 व्यूज़•2 मिनट पढ़ें

पटना, 7 फरवरी (एबीएन)। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्य में डेयरी उद्योग को मजबूत बनाने के लिए एक व्यापक पहल की घोषणा की है 'सात निश्चय-3, कृषि में विकास - राज्य में समृद्धि' के तीसरे संकल्प के तहत इस पहल के तहत राज्य के हर गांव में दूध उत्पादन समिति स्थापित करने का निर्णय लिया गया है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि पशुपालक किसानों को उनके दूध का उचित मूल्य मिले और उनकी आय में वृद्धि हो।
राज्य के कुल 39,073 गांवों में से 25,593 गांवों में डेयरी उत्पादन समितियां बनाई गई हैं। मत्स्य पालन संसाधन विभाग को निर्देश दिया गया है कि वे आगामी दो वर्षों के भीतर शेष सभी गांवों में समितियां गठित करें। सरकार का मत है कि इस कदम से न केवल पशुपालक किसानों की आय में वृद्धि होगी, बल्कि राज्य में दूध का उत्पादन और उपलब्धता में भी काफी वृद्धि होगी।
इस संबंध में, 'सात निश्चय-2 के तहत राज्य के सभी प्रखंडों में सुधा दूध की दुकानें स्थापित की गई हैं। अब, 'सात निश्चय-3 के तहत सभी पंचायतों में भी सुधा दूध की दुकानें खोलने का निर्णय लिया गया है। वर्तमान में सुधा आउटलेट राज्य की 8,053 पंचायतों में से 100 में कार्य कर रहे हैं। शेष 7,953 पंचायतों को 2026-27 वित्तीय वर्ष के अंत तक सुधा दूध की दुकानें स्थापित करने का निर्देश दिया गया है।
सरकार ने यह भी निर्णय लिया है कि पंचायतों में खोले गए नए सुधा दूध की दुकानें प्राथमिकता के आधार पर जीविका दीदियों को दी जाएंगी जो मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना से लाभान्वित हो रही हैं। इससे न केवल ग्रामीण क्षेत्रों में महिला उद्यमिता को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्वरोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि डेयरी व्यवसाय को विस्तारित करने से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और लोगों की आय में वृद्धि होगी। इसके अलावा दूध और दूध उत्पादों की उपलब्धता को सुनिश्चित करने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और राज्य के लोगों के जीवन में समृद्धि आएगी।
साझा करें:

संबंधित समाचार

‘मॉडल लॉ, नौकरी पाओ’ योजना से खिलाड़ियों की प्रेरणा और रोजगार के अवसर
बिहार

‘मॉडल लॉ, नौकरी पाओ’ योजना से खिलाड़ियों की प्रेरणा और रोजगार के अवसर

Awaz E Bihar•13 अक्टूबर 2026•Updated•0 व्यूज़
राज्य कोचिंग योजना का दायरा विस्तृत, दो वर्षों में 1,043 उम्मीदवार सफल
बिहार

राज्य कोचिंग योजना का दायरा विस्तृत, दो वर्षों में 1,043 उम्मीदवार सफल

Awaz E Bihar•13 अक्टूबर 2026•Updated•0 व्यूज़
गोरखपुर-सलीगोड़ी एक्सप्रेसवे को मंजूरी का इंतज़ार, बिहार के आठ जिलों में ज़मीन अधिग्रहण प्रक्रिया प्रभावित होने का खतरा
बिहार

गोरखपुर-सलीगोड़ी एक्सप्रेसवे को मंजूरी का इंतज़ार, बिहार के आठ जिलों में ज़मीन अधिग्रहण प्रक्रिया प्रभावित होने का खतरा

Awaz E Bihar•13 अक्टूबर 2026•1 व्यूज़