चीन का इज़राइल से आग्रह: गैरकानूनी यहूदी बस्तियों की स्थापना रोकें
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चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने इस्राइली राष्ट्रपति इशाक हर्ज़ोग से मुलाक़ात के दौरान इस्राइल से मांग की कि वह कब्ज़े वाले पश्चिमी किनारे में ज़बरदस्ती अवैध बस्तियां खड़े करने की प्रक्रिया बंद करे और इस संबंध में किए गए कदमों को वापस ले। चीन विदेश मंत्रालय के आज शुक्रवार को जारी किए गए बयान के अनुसार, वांग यी ने हर्ज़ोग से मुलाक़ात में एक बार फिर यह स्थिति दोहराई कि बीजिंग, फ़िलिस्तीन के मुद्दे को इस सदी की सबसे बड़ी ऐतिहासिक अन्याय मानता है। वांग यी ने कहा कि क्षेत्र में शांति और समझौते को बढ़ावा देना चीन की मध्य पूर्व नीति का मूल स्तंभ है और मुद्दे के समाधान का सबसे उपयुक्त रास्ता द्वि-राज्यीय समाधान है।
वांग यी ने इस बात पर भी जोर दिया कि तत्काल प्राथमिकता घेरे में बंद ग़ज़ा में प्रवेश के सभी रास्ते पूरी तरह खोलना है, ताकि मानवीय तबाही के फैलने को रोका जा सके। वांग यी ने कहा कि इस्राइल को कब्ज़े वाले पश्चिमी किनारे में अवैध बस्तियों को ज़बरदस्ती खड़े करने की नीति खत्म करनी चाहिए। चीन संकट के राजनीतिक समाधान और पक्षों को जल्द से जल्द बातचीत और परामर्श की मेज़ पर वापस लाने के लिए अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के साथ सहयोग करने के लिए तैयार है।
स्पष्ट है कि अंतर्राष्ट्रीय कानून के तहत अवैध घोषित किए जाने के बावजूद, 1967 में जारी इस्राइली कब्ज़े के बाद से अब तक 5 लाख से अधिक अवैध यहूदी बसने वालों को पश्चिमी किनारे में बसाया जा चुका है। इस्राइल पर शासन करने वाले अत्यंत दाएं पक्ष के गठबंधन के नेतृत्व करने वाले प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू ने अवैध बस्तियों की स्वीकृति की प्रक्रिया को तेज़ कर दिया था।
संयुक्त राष्ट्र के आँकड़ों के अनुसार, वर्ष के पहले छमाही में फ़िलिस्तीनों के खिलाफ बसने वालों के हमले, जिनमें पिटाई, तोड़फोड़ और आगजनी जैसे मामले शामिल हैं, प्रतिदिन औसतन छह बार हुए। पिछले सप्ताह बसने वालों ने जैतून की फसल की कटाई की तस्वीरें ले रहे समाचार एजेंसी एएफपी के एक फोटो पत्रकार पर हमला किया। हमले में पत्रकार की पसलियां टूट गईं और उसका कैमरा भी छीन लिया गया।
दूसरी ओर, इस्राइल ग़ज़ा में नरसंहार रोकने के लिए तय हुए आतंक विराम समझौते के उल्लंघन भी जारी रखे हुए है। गुरुवार तक के आँकड़ों के अनुसार, हमलों में 1,505 फ़िलिस्तीन शहीद और 5,332 घायल हो चुके हैं। मंत्रालय के आँकड़ों के अनुसार इस्राइल, अक्टूबर 2023 से ग़ज़ा पर किए गए नरसंहार में 74 हज़ार से अधिक फ़िलिस्तीनों को मारा और 1 लाख 75 हज़ार से अधिक को घायल कर चुका है। इस क्रूर आक्रामकता के परिणामस्वरूप ग़ज़ा के 90 प्रतिशत बुनियादी ढांचे को भी तबाह कर दिया गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि जारी किए गए आँकड़े वास्तविक हताथों की संख्या से बहुत कम हैं और वास्तविक संख्या लगभग 2 लाख हो सकती है।