बिहार विधान परिषद के अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही से संबंधित खबरों की भाषा पर चिंता व्यक्त की
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बिहार विधान परिषद के अध्यक्ष अवधेश नारायण सिंह ने सदन की कार्यवाही से संबंधित अखबारों में प्रकाशित हो रही खबरों की भाषा पर बुधवार को चिंता व्यक्त की। परिषद की दोपहर के भोजन से पूर्व की बैठक शुरू होते ही राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के वरिष्ठ सदस्य अब्दुल बारी सिद्दीकी ने कहा कि सदन की कार्यवाही का सही संदेश जनता तक नहीं पहुंच रहा है। इस पर अध्यक्ष अवधेश नारायण सिंह ने भी अखबारों में प्रकाशित खबरों की भाषा पर असंतोष व्यक्त करते हुए कहा कि सदन की कार्यवाही को सड़क जैसी भाषा में प्रस्तुत करना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि इस विषय पर वे अपने कक्ष में वरिष्ठ सदस्यों के साथ विचार-विमर्श करेंगे। इसके बाद प्रश्नोत्तर का सत्र सामान्य रूप से चलाया गया, जिसमें मुख्यमंत्री समग्र शहरी विकास योजना के तहत डुप्लीकेट परियोजनाओं की मंजूरी का मामला भी गरम रहा। राजद के अब्दुल बारी सिद्दीकी ने आरोप लगाया कि 4,787 परियोजनाओं में से 105 ऐसी योजनाएं मंजूर की गई हैं जो पहले ही पूरी हो चुकी थीं। उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि 3,259 परियोजनाएं मंजूर हुई हैं, जिनमें 101 फर्जी परियोजनाओं की पहचान कर उन्हें रद्द कर दिया गया है और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सदन में प्रश्नोत्तर के दौरान सरकार ने स्वीकार किया कि बिहार में शराब सेवन करने वालों की संख्या में वृद्धि हुई है। जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के रवींद्र सिंह के प्रश्न पर प्रभारी मंत्री अशोक चौधरी ने इस बात को स्वीकार किया। जदयू के वरिंदर नारायण यादव ने सीमावर्ती उत्तर प्रदेश के जिलों में शराब की दुकानों की बढ़ती संख्या पर चिंता व्यक्त करते हुए सरकार से पड़ोसी राज्यों के साथ तालमेल बैठाने का आग्रह किया। मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि शराब की रोकथाम के लिए जागरूकता अभियान और छापेमारी तेज की जाएगी। उन्होंने बताया कि राज्य में 15 हजार किलोग्राम से अधिक गांजा, 240 किलोग्राम अफीम और 40 हजार लीटर कफ सीरप जब्त किया गया है और 16 लाख से अधिक गिरफ्तारियां की गई हैं। सदन में बेल्ट्रन से जुड़े अभ्यर्थियों के रोजगार का मुद्दा भी उठा। विधान परिषद के सदस्य अशोक कुमार ने कहा कि हिंदी टाइपिंग परीक्षा में 10 हजार अभ्यर्थी सफल हुए, लेकिन पांच हजार को ही नियुक्ति मिली। इस पर प्रभारी मंत्री श्रेयसी सिंह ने स्पष्ट किया कि नियुक्तियां मेरिट के आधार पर हुई हैं और शेष अभ्यर्थियों के लिए फिलहाल कोई योजना नहीं है। भूमि सुधार और जन कल्याण सम्वाद के माध्यम से भूमि विवादों के निपटारे की स्थिति पर भी चर्चा हुई। मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने बताया कि लगभग 40 लाख भूमि रिकॉर्ड में खामियां पाई गई हैं, जिनमें से छह लाख मामलों में सुधार किया जा चुका है। जन कल्याण सम्वाद के तहत 8,363 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिन पर कार्रवाई जारी है। इस दौरान राजद के सुनील कुमार सिंह ने आरोप लगाया कि कई ब्लॉकों में रिश्वत के बिना भूमि से संबंधित काम नहीं होते हैं। इस पर मंत्री ने जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दिया।