सरकारी स्कूलों में मिड डे मील पर संकट, अध्यापक परेशान
Awaz E Bihar••0 व्यूज़•2 मिनट पढ़ें
पटना : (एबीएन) बच्चों को दिए जाने वाले मिड डे मील के कारण इस समय बिहार में स्कूल प्रशासन काफी परेशान है। दरअसल, राज्य के सभी सरकारी स्कूलों में शुक्रवार को मिड डे मील के तहत अंडे दिए जाते हैं और जो बच्चे अंडे नहीं खाते हैं उन्हें संतरा दिया जाता है। नतीजे के तौर पर स्कूल के प्रशासकों को मिड डे मील योजना के हिस्से के तौर पर अंडे उपलब्ध कराने में इस समय काफी मुश्किलें आ रही हैं क्योंकि सर्दी के कारण अंडे की कीमत में वृद्धि हो गई है। एक अंडा 7 से 8 रुपये में मिल रहा है और यही वजह है कि प्रशासकों को खरीदारी में दुश्वारी हो रही है।
सूचना के अनुसार सरकार ने मिड डे मील के लिए एक अंडे की कीमत 5 रुपये तय की है जबकि आजकल 2 से 3 रुपये महंगा अंडा मिल रहा है, जो स्कूलों के प्रशासकों के चिंता का कारण बना हुआ है। आज (17 दिसंबर) एबीपी की एक ग्राउंड रिपोर्ट में पता चला कि प्रशासक और सहायक शिक्षक इस स्थिति से काफी परेशान हैं। वे अपने फंड्स से मिड डे मील के लिए अंडे का इंतजाम कर रहे हैं।
पटना के पनाही में स्थित कन्या बालिका मध्य विद्यालय के सहायक शिक्षक बृज भूषण पांडे ने कहा कि यद्यपि कीमतें बढ़ी हैं लेकिन हम तालमेल के माध्यम से बच्चों को अंडे उपलब्ध करा रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि हम इस मामले को सरकार तक भी नहीं पहुंचा सके। शुक्रवार के दिन मेनू के अनुसार मिड डे मील के हिस्से के तौर पर बच्चों को अंडा दिया जाता है। इस अवसर पर बच्चों ने बताया कि उन्हें शुक्रवार को एक-एक अंडा दिया जाता है। इस मामले में आरजेडी के प्रवक्ता एजाज अहमद ने कहा कि मिड डे मील के नाम पर लूट का खेल चल रहा है। बच्चों को खाने में अंडा तक नहीं मिलता। इसके अलावा, उन्हें परोसे जाने वाले चावल खाने योग्य नहीं हैं।
मिड डे मील में अंडों की कीमत के बारे में जेडीयू के प्रवक्ता नवल शर्मा ने कहा कि मिड डे मील एक प्रभावी सरकारी योजना है। सरकार अंडों की बाजार कीमत और सरकार की अदायगी दर में जो अंतर हुआ है उससे अवगत है। बच्चे नव निहाल हैं, उनके भविष्य की हमें चिंता है।