मकरसंक्रांति भारतीय संस्कृति की आत्मा का प्रतीक: आरिफ मोहम्मद खान
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पटना(स्टाफ रिपोर्टर) बिहार लोक भवन में मकर संक्रांति उत्सव का आयोजन किया गया। इस अवसर पर समारोह से संबोधित करते हुए राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने कहा कि मकर संक्रांति एक अनोखा त्योहार है और भारतीय संस्कृति की आत्मा का प्रतिबिंब है। उन्होंने कहा कि मकर संक्रांति उस परिवर्तन का जश्न मनाता है जो धीरे-धीरे और बहुत प्राकृतिक और शांतिपूर्ण तरीके से होता है। इस दिन सूर्य दक्षिण से उत्तर की ओर बढ़ता है। यह त्योहार केवल भारत में मनाया जाता है। राज्यपाल ने कहा कि परिवर्तन अपरिहार्य और निरंतर है, लेकिन केवल वही परिवर्तन जो धीरे-धीरे आता है, स्थायी और टिकाऊ होता है। दुनिया भर में कई क्रांतियां हुई हैं, लेकिन उनका प्रभाव 10, 20 या 50 वर्षों में समाप्त हो गया है। भारतीय संस्कृति में, क्रांति के बजाय, संक्रांति की अवधारणा है, जिसमें धीरे-धीरे परिवर्तन आता है और इसका दीर्घकालिक प्रभाव होता है। इस अवसर पर 'कलकारी' के बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया। विधायक और प्रसिद्ध लोक गायिका मिथिला ठाकुर ने भी प्रदर्शन किया। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा, बिहार विधान परिषद के अध्यक्ष अवधेश नारायण सिंह, मौजूद थे।