नीतीश ने मुस्लिम खातून डॉक्टर के चेहरे से नकाब उतार दिया
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पटना: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 1,284 नए नियुक्त आयुष डॉक्टरों को नियुक्ति पत्र वितरित किए। स्वास्थ्य विभाग द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत करना और पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को जनता के लिए सुलभ बनाना था। समारोह के दौरान, एक मुस्लिम आयुष डॉक्टर के चेहरे से अचानक हिजाब हटा दिया गया, जो अपना नियुक्ति पत्र लेने आया था। नीतीश कुमार के इस अचानक कदम ने वहां उपस्थित सभी को आश्चर्यचकित कर दिया। इस पूरे घटनाक्रम का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 1,283 नए नियुक्त आयुष डॉक्टरों (आयुर्वेदिक, होम्योपैथिक और यूनानी) के लिए नियुक्ति पत्र वितरित करने के समारोह में भाग लिया। मुख्यमंत्री ने आखिर क्यों इस तरह की अनावश्यक हरकत की, इसका कोई जवाब देने वाला नहीं है। इस वीडियो में, कुछ पल बाद, संसदीय मामलों के मंत्री विजय कुमार चौधरी ने मुख्यमंत्री को बताने की कोशिश की कि यह नकाब है जो ऊपर पहनाया जाता है। सोशल मीडिया पर यह सवाल भी पूछा जा रहा है कि नीतीश कुमार आखिर क्यों ऐसा कर रहे हैं। क्या उनकी सेहत और दिमाग ठीक नहीं है या फिर भाजपा के दबाव में ऐसे मामलों को अंजाम दे रहे हैं। अभी तक इस मामले पर सरकार की ओर से कोई जवाब नहीं आया है। मुख्यमंत्री के इस कदम से मुसलमानों में नीतीश कुमार के प्रति गुस्सा देखा जा रहा है। कुछ लोगों का कहना है कि नीतीश कुमार का ज़फ़रानी चेहरा साफ़ दिखने लगा है, उन्होंने मुस्लिम महिलाओं के प्रति अनुचित व्यवहार करके न केवल मुसलमानों के साथ खिलवाड़ किया है, बल्कि हमारी इस्लामी पहचान को मिटाने की ओर एक कदम बढ़ाया है। मुख्यमंत्री सचिवालय के संवाद हॉल में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री ने 10 नए नियुक्त आयुष डॉक्टरों को प्रतीकात्मक रूप से नियुक्ति पत्र प्रदान किए।