नीतीश की दूरंदेशी नीतियों से दुबई में बिहार की उत्पादों को मिलेगी वैश्विक पहचान: अंजम आरा
Awaz E Bihar••1 व्यूज़•3 मिनट पढ़ें
पटना, 3 जनवरी (एबीएन) जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) की राज्य प्रवक्ता अंजुम आरा ने शनिवार को कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की दूरदर्शी नीतियों के कारण दुबई में आयोजित होने वाले गल्फ फूड फेस्टिवल में बिहार के जीआई टैग प्राप्त उत्पाद अपनी अनोखी पहचान और उच्च गुणवत्ता के साथ विश्व के सामने प्रस्तुत किए जाएंगे। श्रीमती अंजुम आरा ने आज एक बयान जारी करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री श्री कुमार के प्रयासों से बिहार की समृद्ध कृषि उत्पादकता, पारंपरिक खाद्य उत्पादों और सांस्कृतिक विरासत को अब वैश्विक स्तर पर नई पहचान मिल रही है। यह बिहार के किसानों, कारीगरों और पारंपरिक उद्योगकर्ताओं के लिए एक ऐतिहासिक अवसर है। जेडीयू की प्रवक्ता ने बताया कि इस अंतरराष्ट्रीय फूड फेस्टिवल में सिलाव का खाजा, मिथिला का मखाना, भागलपुर का कतरनी चावल और मरचा धान की प्रदर्शनी की जाएगी। विशेष बात यह है कि मिठाइयों की श्रेणी में बिहार से केवल सिलाव के खाजा को ही जीआई टैग प्राप्त है, इसीलिए इसे विशेष रूप से चुना गया है। इससे स्पष्ट होता है कि बिहार के पारंपरिक उत्पाद अब मानक और पहचान के वैश्विक मानकों पर खरे उतर रहे हैं। श्रीमती अंजुम आरा ने कहा कि कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य जीआई टैग प्राप्त उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देना और अंतरराष्ट्रीय बाजार में उनकी मांग को मजबूत करना है। इससे न केवल बिहार के उत्पादों को नए बाजार मिलेंगे, बल्कि इसका सीधा लाभ राज्य के किसानों, कारीगरों और छोटे उत्पादकों तक पहुंचेगा। जेडीयू की प्रवक्ता ने कहा कि यह पहल बिहार की सांस्कृतिक पहचान को वैश्विक स्तर पर मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। शाही लीची, जاردालू आम, कतरनी, मरचा चावल, मिथिला मखाना, सिलाव का खाजा, मगही पान, भागलपुर रेशम, मिथिला पेंटिंग, सजनी कढ़ाई, सिक्की और मंजूषा कला तथा खटवा कला जैसे जीआई टैग प्राप्त उत्पाद पहले ही बिहार की अनोखी पहचान बन चुके हैं। इन उत्पादों के कारण न केवल बाजार की कीमत में वृद्धि हुई है, बल्कि पारंपरिक कौशल को भी गरिमा और स्थायित्व प्राप्त हुआ है। जेडीयू की नेता ने कहा कि राज्य में मुख्यमंत्री श्री कुमार की सरकार और केंद्र सरकार के संयुक्त प्रयासों से बिहार के उत्पादों को वैश्विक मंच पर निरंतर नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा रहा है। यह सफलता बिहार के आत्मनिर्भर भविष्य की दिशा में एक मजबूत कदम है, जहां किसान और कारीगर वैश्विक बाजार का हिस्सा बनकर समृद्धि की ओर बढ़ेंगे।