बिहार में पर्यटन और इको-टूरिज्म को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा: नीतीश कुमार
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पटना 28 जनवरी: (एबीएन) मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज दरभंगा जिले के नागेंद्र झा स्टेडियम में आयोजित जन सम्वाद कार्यक्रम में शामिल हुए। जन सम्वाद कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि आप सभी जानते हैं कि 24 नवंबर 2005 को पहली बार बिहार में एनडीए की सरकार बनी थी, तब से राज्य में कानून का शासन है और हम लगातार विकास के काम में जुटे हुए हैं। याद है न पहले क्या हालत थी? लोग शाम के बाद घर से बाहर नहीं निकलते थे। समाज में बहुत विवाद था, कितने हिंदुओं और मुसलमानों के बीच विवाद होता था? शिक्षा की क्या स्थिति थी। बहुत कम बच्चे पढ़ते थे। बहुत कम पढ़ाई होती थी। पहले इलाज का पूरा इंतजाम नहीं था। सड़कें बहुत कम थीं और जो थीं उनका बुरा हाल था। बिजली की आपूर्ति बहुत कम जगहों पर थी। हम लोग शुरू से ही बिहार के विकासात्मक कामों में लगे हुए हैं। अब किसी भी तरह के डर और आतंक का कोई माहौल नहीं है। राज्य में प्रेम, भाईचारे और अमन का माहौल है। हिंदू-मुस्लिम विवाद नहीं होता है, इसके लिए साल 2006 से, कब्रिस्तानों की घेराबंदी शुरू की गई है। पहले लगभग 8 हजार कब्रिस्तानों की घेराबंदी की गई, बाद में कुछ और कब्रिस्तानों को चिह्नित किया गया जिनकी घेराबंदी की जा रही है। साल 2016 के बाद से, 60 साल से अधिक पुराने हिंदू मंदिरों की घेराबंदी की गई। अब सभी क्षेत्रों में विकास हो रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि शुरू से ही शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया गया है। राज्य में बड़े पैमाने पर सड़कों और पुलों का निर्माण कराया गया है। साल 2015 में सात निश्चय के तहत हर घर तक बिजली, हर घर तक नल का जल, हर घर तक शौचालय और टोलों को पक्की सड़कों से जोड़ने का काम पूरा किया गया है। साल 2018 में ही हर घर बिजली पहुंचा दी गई है। सरकार के माध्यम से शुरू से ही बहुत कम दर पर बिजली दी गई है, अब लगभग सभी घरेलू उपभोक्ताओं को मुफ्त बिजली दी जा रही है। साल 2020 में सात निश्चय-2 के तहत सभी योजनाओं पर बहुत काम हुआ है और जो काम बाकी है उन्हें जल्द ही पूरा किया जाएगा। सात निश्चय-2 के तहत ही युवाओं के लिए 10 लाख नौकरियां और 10 लाख रोजगार के अवसर प्रदान करने का फैसला किया गया है। अब तक 10 लाख युवाओं को सरकारी नौकरियां और 40 लाख को रोजगार दिया जा चुका है। कुल मिलाकर 50 लाख युवाओं को नौकरी और रोजगार प्रदान किया गया है। अगले पांच सालों में 1 करोड़ युवाओं को नौकरी और रोजगार प्रदान करने का लक्ष्य है। सरकार ने अपने आगाज से ही समाज के सभी वर्गों के विकास का समर्थन किया है। हिंदू, मुस्लिम, ऊंची जाति, पिछड़े, अति पिछड़े, दलित या महादलित सभी के लिए काम किया गया है। सभी बुजुर्गों, विकलांगों और विधवा महिलाओं के लिए पेंशन की राशि 400 रुपये से बढ़ाकर 1100 रुपये कर दी गई है, जिससे 1 करोड़ 14 लाख लोग लाभान्वित हो रहे हैं। जुलाई 2024 के बजट में बिहार को विशेष वित्तीय सहायता के रूप में सड़क, उद्योग, स्वास्थ्य, पर्यटन, बाढ़ नियंत्रण के लिए बड़ी रकम देने की घोषणा की गई है। फरवरी 2025 के बजट में बिहार में मखाना बोर्ड, एयरपोर्ट की स्थापना, पश्चिमी कोसी नहर के लिए वित्तीय सहायता की घोषणा की गई है। साल 2018 में देश के कुछ राज्यों में खेलो इंडिया यूथ गेम्स का आयोजन हुआ था, 2025 में खेलो इंडिया यूथ गेम्स का आयोजन बिहार में हुआ जो गर्व की बात है। इसके लिए नरेंद्र मोदी जी को सलाम करते हैं। नरेंद्र मोदी जी कई बार बिहार आए हैं और उनके माध्यम से विकासात्मक कामों का शिलान्यास, उद्घाटन किया गया है। इन सभी परियोजनाओं पर अब तेजी से काम हो रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में आगामी 5 सालों (2025 से 2030) में कई काम कराए जाएंगे। सरकार के माध्यम से पहली अवधि 2005-2010, दूसरे कार्यकाल 2010-2015, तीसरे कार्यकाल 2015-2020 और चौथे कार्यकाल 2020-2025 को मिलाकर हर क्षेत्र में काम हुआ है, चाहे वह शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़कें, बिजली हो या कृषि। महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए भी कई कदम उठाए गए हैं। विकास की गति अब और तेज की जाएगी। केंद्र सरकार भी पूरा सहयोग कर रही है। आगामी 5 सालों के लिए सात निश्चय-3 को लागू कर दिया गया है। (1) दोगुना रोजगार, दोगनी आय के तहत, राज्य की प्रति व्यक्ति औसत आय को दोगुना किया जाएगा। और इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत हर महिला को 10 हजार रुपये दिए गए हैं। जिनका रोजगार बेहतर होगा उन्हें 2 लाख रुपये तक की सहायता दी जाएगी। अगले 5 सालों में युवाओं को 1 करोड़ नौकरियां और रोजगार के अवसर प्रदान किए जाएंगे। इसके लिए एक नया यूथ एम्प्लॉयमेंट एंड