मुख्यमंत्री ने आज 2500 करोड़ रुपये की राशि 25 लाख महिलाओं के खातों में 10,000 रुपये प्रति लाभार्थी के हिसाब से ट्रांसफर की
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मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत अब तक 1 करोड़ 81 लाख लाभार्थी महिलाओं के खातों में 18 हजार 100 करोड़ रुपये की राशि हस्तांतरित की गई है।
पटना, 16 फरवरी 2026: मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने आज 1 ने मार्ग स्थित 'संकल्प' ऑडिटोरियम से मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत 25 लाख महिलाओं के खाते में 10,000 रुपये प्रति लाभार्थी के हिसाब से 2500 करोड़ रुपये की राशि रिमोट के बटन दबाकर ट्रांसफर की। इससे पहले 1 करोड़ 56 लाख लाभार्थी महिलाओं के खातों में 15 हजार 600 करोड़ रुपये की राशि ट्रांसफर की जा चुकी है। अब कुल 18 हजार 100 करोड़ रुपये की राशि 1 करोड़ 81 लाख महिलाओं के खातों में ट्रांसफर हो चुकी है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि कार्यक्रम में बड़ी संख्या में वीडियो कॉन्फ्रेंस से जुड़ी सभी महिला लाभार्थियों को दिल की गहराइयों से बधाई देता हूं। बड़ी खुशी की बात है कि आज 'महिला रोजगार योजना' के तहत 25 लाख महिलाओं को अपनी पसंद का रोजगार करने के लिए 10,000 रुपये की सहायता राशि भेजी जा रही है। कुल मिलाकर 1 करोड़ 81 लाख महिलाओं को इसका लाभ मिलेगा। इस योजना में दी गई सहायता से महिलाओं की बड़ी संख्या ने अपनी पसंद का रोजगार शुरू किया है। जो महिलाएं अपना व्यवसाय अच्छी तरह से करती हैं उन्हें 2 लाख रुपये तक की अतिरिक्त सहायता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि अब इसके बाद शेष परिवारों को भी जल्द सहायता दी जाएगी। इससे राज्य के सभी परिवारों की महिलाओं को बहुत लाभ पहुंचेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने शुरू से ही महिलाओं को सशक्त बनाने पर जोर दिया है। पहले बिहार में स्वयं सहायता समूहों की संख्या बहुत कम थी। वर्ष 2006 में विश्व बैंक से ऋण लेकर राज्य में स्वयं सहायता समूह बनाया गया और इससे जुड़ी महिलाओं का नाम जीविका रखा गया। उन्होंने कहा कि मुझे विश्वास है कि 10,000 रुपये की यह राशि आप सभी महिलाओं को अपना काम शुरू करने में बहुत मददगार साबित होगी। इससे आपका परिवार खुश होगा और बिहार तेजी से विकास करेगा। महिलाओं में आत्मविश्वास देखकर मुझे खुशी होती है। हम सभी लोगों के विकास के लिए निरंतर काम कर रहे हैं। राज्य के विकास में केंद्र सरकार का भी भरपूर सहयोग मिल रहा है। आगे भी सभी के विकास के लिए काम करते रहेंगे।
यह उल्लेखनीय है कि आगामी 5 वर्षों (2025-2030) में विकास की गति को और तेज करने के लिए सात निश्चय 3 का गठन किया गया है। इसके तहत पहले 5 वर्षों में पहले निश्चय 'दोगुना रोजगार दोगुना आय' के तहत अगले 5 वर्षों में राज्य की प्रति व्यक्ति औसत आय को दोगुना करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है और इसके लिए मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत हर परिवार को रोजगार प्रदान किया जाएगा।
एक महिला को 10,000 रुपये तक की सहायता दी जा रही है। राज्य सरकार ने 26 सितंबर से 28 नवंबर 2025 तक कुल 5 चरणों में 1 करोड़ 56 लाख महिला लाभार्थियों के खातों में राशि ट्रांसफर की है। इसमें ग्रामीण क्षेत्रों में 1 करोड़ 44 लाख और शहरी क्षेत्रों में 12 लाख लाभार्थियों के खातों में राशि ट्रांसफर की गई है। आज के कार्यक्रम में 25 लाख महिला लाभार्थियों को 10 हजार रुपये प्रति लाभार्थी के हिसाब से कुल 2500 करोड़ रुपये की राशि ट्रांसफर की जा रही है। इस प्रकार कुल मिलाकर 1 करोड़ 81 लाख महिलाएं इस योजना का लाभ प्राप्त करेंगी।
आज के कार्यक्रम में, 'मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना' की लाभार्थी श्रीमती चंदो भारती, जो मुजफ्फरपुर जिले की निवासी हैं और विष्णवी जीविका स्वयं सहायता समूह से जुड़ी जीविका दीदी हैं, उन्हें वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जोड़ा गया था। मुख्यमंत्री के सामने अपना अनुभव बताते हुए श्रीमती चंदो देवी ने कहा कि उनके जीवन में बहुत परेशानियां थीं। जीविका समूह में शामिल होने के बाद मेरे जीवन में बहुत बदलाव आया है। जब मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत हमारे खाते में 10,000 रुपये की राशि आई तो यह हमारे लिए बहुत बड़ी मदद साबित हुई। मैंने पहले ही 10 हजार रुपये ऋण लिया था। दोनों राशि को मिलाकर एक गाय खरीदी। गाय के दूध का उपयोग घर में करने लगी। साथ ही इसकी बिक्री से आय भी शुरू कर दी। मुझे जीविका स्वयं सहायता समूह से आर्थिक सहायता मिली और मेरा आत्मविश्वास भी बढ़ गया। 2 लाख रुपये की अतिरिक्त सहायता से मैं एक सिलाई केंद्र खोलूंगी, महिलाओं को सिलाई सिखाऊंगी और अपनी आय में भी वृद्धि करूंगी। सभी जीविका दीदी बहुत खुश हैं और उन्हें मिलने वाली 10,000 रुपये की राशि से अपना काम कर रही हैं। आप ने बच्चों को किताबें, कपड़े और सब कुछ दिया है। सभी बच्चे अच्छी तरह से पढ़ रहे हैं। सभी लोग नल के पानी, पक्की गलियों और नालियों की योजना से लाभान्वित हो रहे हैं। हमारे घर में शौचालय बनाया गया था। मुख्यमंत्री वृद्धाप