राज्य में कानून का शासन स्थापित है हम निरंतर विकास कार्य कर रहे हैं: नीतीश
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मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने किशनगंज जिले के ठाकुरगंज प्रखंड स्थित ग्रिड सब पावर स्टेशन चेरिया के निकट आयोजित जन समवाद कार्यक्रम में भाग लिया। जन समवाद कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आप सभी लोग यहां इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में उपस्थित हैं। मैं सभी लोगों का स्वागत करता हूं। आप सभी जानते हैं कि 24 नवंबर 2005 को पहली बार बिहार में एनडीए की सरकार बनी थी, तब से राज्य में कानून का शासन स्थापित है और हम लगातार विकास कार्य कर रहे हैं। 2005 से पहले बिहार की क्या स्थिति थी? बहुत खराब थी। लोग शाम के बाद घरों से बाहर नहीं निकलते थे। समाज में कितना संघर्ष होता था? शिक्षा की क्या स्थिति थी? बहुत कम बच्चे पढ़ते थे। पढ़ाई बहुत कम होती थी। पहले इलाज का भी पूरा प्रबंध नहीं था। सड़कें बहुत कम थीं और जो थीं वे खस्ताहाल थीं। बिजली की आपूर्ति बहुत कम जगहों पर थी। अब किसी भी तरह के डर और आतंक का कोई माहौल नहीं है। राज्य में प्रेम, भाईचारा और शांति का माहौल है। सबसे पहले शिक्षा के क्षेत्र में विशेष ध्यान दिया गया। हमने कॉन्ट्रैक्ट शिक्षकों की बहाली की, बड़ी संख्या में नए स्कूल खोले और सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों के लिए साइकिल और ड्रेस योजना चलाई गई। वर्ष 2023 से, बिहार पब्लिक सर्विस कमीशन के माध्यम से 2 लाख 58 हजार सरकारी शिक्षकों की बहाली की गई। 2006 से 3 लाख 68 हजार कॉन्ट्रैक्ट शिक्षक बहाल किए गए थे, जिनमें से बिहार पब्लिक सर्विस कमीशन के माध्यम से 28 हजार 976 सरकारी शिक्षक बन चुके हैं। इसके बाद, सरकार ने फैसला किया कि कॉन्ट्रैक्ट शिक्षकों को बीपीएससी की परीक्षा देने की जरूरत नहीं है, उन्हें साधारण परीक्षा लेकर सरकारी शिक्षक बनाया जाएगा। इसके लिए उन्हें पांच मौके देने का फैसला किया गया। अब तक चार परीक्षाएं हो चुकी हैं, और 2 लाख 66 हजार कॉन्ट्रैक्ट टीचर पास हो चुके हैं। अब केवल 73 हजार बाकी बचे हैं जिन्हें एक और मौका दिया जाएगा। सरकारी शिक्षकों की कुल संख्या अब 5 लाख 24 हजार हो गई है। इसके अलावा बीपीएससी के माध्यम से और 45 हजार नए पदों पर बहाली शुरू की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास कार्यों में जो कमी रह गई है उसे पूरा करने के लिए दिसंबर 2024 और जनवरी-फरवरी 2025 में प्रगति यात्रा के दौरान हमने सभी जिलों में जाकर विकास कार्यों को देखा और जो कमी रह गई थी उसे पूरा करने के लिए 430 नए परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। सभी जिलों में इन परियोजनाओं पर काम शुरू हो चुका है। अब तक 21 परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं, बाकी सभी काम जल्द पूरे कर लिए जाएंगे। बिहार के विकास में केंद्र सरकार की ओर से पूरा सहयोग मिल रहा है। जुलाई 2024 के बजट में बिहार को विशेष वित्तीय सहायता के रूप में सड़कों, उद्योग, स्वास्थ्य, पर्यटन और बाढ़ नियंत्रण के लिए बड़ी रकम देने का ऐलान किया गया। फरवरी 2025 के बजट में बिहार में मखाना बोर्ड की स्थापना, एयरपोर्ट की स्थापना और पश्चिमी कोसी नहर के लिए वित्तीय सहायता का ऐलान किया गया था। 2018 में देश के कुछ राज्यों में खेलो इंडिया यूथ गेम्स का आयोजन हुआ था, वर्ष 2025 में खेलो इंडिया यूथ गेम्स का आयोजन बिहार में किया गया जो गर्व की बात है। इन सभी के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सलाम करते हैं। प्रधानमंत्री कई बार बिहार आए और उनके द्वारा विकास कार्यों का शिलान्यास, उद्घाटन किया गया। इन सभी परियोजनाओं पर तेजी से काम हो रहा है। 'सात निश्चे 3' के तहत, अगले पांच वर्षों के लिए एक लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिससे दोगुना रोजगार, दोगुनी आय के तहत राज्य की प्रति व्यक्ति औसत आय को दोगुना किया जाएगा। मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत, हर महिला को 10 हजार रुपये दिए गए हैं, जिनका रोजगार बेहतर चलेगा उन्हें 2 लाख रुपये तक की मदद दी जाएगी। आगामी पांच वर्षों में 1 लाख युवाओं को नौकरियां और रोजगार के अवसर प्रदान किए जाएंगे। इसके लिए यूथ एम्प्लॉयमेंट एंड स्किल डेवलपमेंट विभाग की स्थापना की गई है। समृद्ध उद्योग, मजबूत बिहार के तहत आगामी 5 वर्षों में उद्योगों की स्थापना पर पूरा ध्यान दिया जाएगा। सभी जिलों में औद्योगिक क्षेत्र स्थापित किए जा रहे हैं। नई बड़ी उद्योगों के लिए मुफ्त जमीन और अनुदान प्रदान की जा रही है। पुरानी, बंद शुगर मिलें फिर से शुरू की जाएंगी। कृषि में प्रगति: कृषि विकास, राज्य की समृद्धि को बढ़ावा देने के लिए पहले से ही बहुत काम किया जा चुका है। इस काम को और तेज करने के लिए एक नया बिहार मार्केटिंग प्रमोशन कॉर्पोरेशन की स्थापना की गई है। मखाना उत्पादन को और बढ़ावा दिया जा रहा है। डेयरी और फिश फार्मिंग पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। राज्य में श