निगरानी ब्यूरो ने दो माह में 28 मामले दर्ज किए: महानिदेशक जतिंदर सिंह गंगवार
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पटना, 02 मार्च (एबीएन) विजिलेंस इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो ने वर्ष 2026 के जनवरी से फरवरी के दौरान भ्रष्टाचार से संबंधित 28 व्यक्तियों के खिलाफ मामले दर्ज किए हैं, जो वर्ष 2024 की तुलना में 28 गुना और 2025 की तुलना में चार गुना अधिक है। यह सफलता लगातार छापेमार कार्रवाई और टीम को दी गई विशेष प्रशिक्षण का परिणाम है। यह बात सोमवार को ब्यूरो के महानिदेशक जतिंदर सिंह गंगवार ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कही। उन्होंने बताया कि वर्ष 2023 के जनवरी-फरवरी में 10, वर्ष 2024 में केवल एक और वर्ष 2025 में सात मामले दर्ज हुए थे। इस प्रकार 2023 से 2025 के बीच पहले दो महीनों में कुल 18 मामले दर्ज हुए, जबकि केवल 2026 के पहले दो महीनों में ही 28 मामले दर्ज कर लिए गए हैं।
महानिदेशक गंगवार के अनुसार इन मामलों में 7 लाख 99 हजार रुपये की बरामदगी की गई है। सभी मामलों में सरकारी कर्मचारियों को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया है या आय से अधिक संपत्ति (डीए) के मामलों में कार्रवाई की गई है। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई के लिए निगरानी ब्यूरो पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। टीम को निरंतर प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिससे कार्रवाई की गति और प्रभावशीलता में वृद्धि हुई है। पिछले लगभग 25 वर्षों के आंकड़ों के अनुसार औसतन प्रति वर्ष 72 मामले दर्ज हुए, अर्थात लगभग प्रति माह छह मामले। हालांकि 2025 में कार्रवाई तेज होने के कारण 122 मामले दर्ज किए गए, अर्थात औसतन प्रति माह 10 सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ मामला बना।
उन्होंने आगे बताया कि निगरानी ब्यूरो का कार्यालय 24 घंटे सक्रिय है और कार्रवाई की प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक सरल हो गई है। वर्ष 2025 में 30 मामलों में दंडित किया गया, जबकि 2026 के जनवरी-फरवरी में ही चार मामलों में दंडित किया जा चुका है। कई मामलों को त्वरित विचारण में लिया गया है और लगभग 200 मामलों की पहचान की गई है, जिनमें वर्ष के अंत तक अधिकतम दंड दिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस अवसर पर महानिदेशक ने ब्यूरो परिसर में कैंटीन भवन के मरम्मत और विस्तार कार्य का भी उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि कैंटीन के उद्घाटन से कर्मचारियों को सुविधा मिलेगी और ब्यूरो के कार्यों में और अधिक सुविधा होगी।